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Assam Flood: अब तक 7 की मौत, करीब 15 लाख प्रभावित, बारपेटा जिले में हालात सबसे खराब, पढ़ें 10 बड़ी बातें

बारपेटा राज्य का सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। अब तक 20 हजार लोगों को 68 राहत शिविरों तक पहुंचाया जा चुका है।

बाढ़ का पानी काजीरंगा नेशनल पार्क में भी घुस गया है। (फोटोः एएनआई)

असम के 33 में से 25 जिलों में बाढ़ जमकर कहर ढा रही है। राज्य में अब तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 तक पहुंच गई है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 15 लाख लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अभी राज्य में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। राज्य में एनडीआरएफ के नेतृत्व में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन भी चल रहा है। निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कवायद लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने राज्य को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

ये हैं असम बाढ़ से जुड़ीं 10 बड़ी बातेंः असम समेत देश के कई इलाकों में बाढ़ के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है। केंद्र में भी इन्हें लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी है।

1. बारपेटा राज्य का सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। अब तक 20 हजार लोगों को 68 राहत शिविरों तक पहुंचाया जा चुका है।

2. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों में पड़ोसी राज्य मेघालय में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इससे हालात और खराब हो सकते हैं।

3. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बाढ़ के संबंध में फोन पर जानकारी दी। शाह ने इस असम समेत देश के अन्य राज्यों में बाढ़ से बिगड़े हालात की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक भी की।

4. असम के मोरन जिले में करीब 52 गांवों को पूरी तरह से खाली कराया गया है। इनमें रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अधिकांश लोगों का कहना है कि वे कुछ सोचते उससे पहले बाढ़ का स्तर बेहद खतरनाक हो गया था।

5. राज्य में बहने वाली 10 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। इनमें ब्रह्मपुत्र भी शामिल है।

6. राज्य में बाढ़ के चलते परिवहन सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे हालात और खराब हो गए।

7. कांजीरंगा नेशनल पार्क में 70 फीसदी हिस्सा जलमग्न हो चुका है। यहां के जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

8. धेमाजी, लखीमपुर, बोनगाईगांव और बारपेटा में हालात बेहद खराब हैं। अधिकारियों को हालात और बिगड़ने का डर सता रहा है।

9. राज्य में अब तक 27 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में लगी फसल बर्बाद हो चुकी है।

10. बाढ़ के साथ-साथ राज्य में चमकी बुखार जैसी बीमारियों का कहर भी बढ़ गया है। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को सितंबर तक छुट्टियां नहीं लेने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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