police FIR says the Assam girl was gangraped doused in kerosene and set on fire-असमः घर में ही किया बच्‍ची का गैंगरेप, जला कर भागे दरिंदे, तमाशा देखते रहे सौ से अधिक लोग - Jansatta
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असमः घर में ही किया बच्‍ची का गैंगरेप, जला कर भागे दरिंदे, तमाशा देखते रहे सौ से अधिक लोग

इंडियन एक्सप्रेस ने असम में गैंगरेप के बाद जलाकर मारी गई कक्षा पांच में पढ़ने वाली छात्रा के गांव पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। सं एफआइआर और बच्ची के पिता से बातचीत पर आधारित पढ़िए तोरा अग्रवाल की रिपोर्ट।

Author नई दिल्ली | April 23, 2018 3:13 PM
असम के नगांव में छात्रा से गैगरेप की घटना के बाद तैनात पुलिस फोर्स( फोटो-एएनआई)

तोरा अग्रवाल,

जब कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना हुई तो देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बीच बीजेपी की प्रवक्ता और सांसद मीनाक्षी लेखी ने असम के नगांव की घटना उठाते हुए कहा था कि-इस पर क्यों खामोशी है?असम के पिछड़े इलाके में स्थित नगांव में बीते 23 मार्च को दिल दहलाने वाली घटना हुई थी, जब प्राथमिक स्कूल में पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को पड़ोस के तीन लड़कों ने गैंगरेप के बाद जिंदा जला दिया था। इंडियन एक्सप्रेस ने पीड़िता के गांव पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। घटना में दर्ज एफआइआर और बच्ची के पिता से बातचीत पर आधारित पढ़िए यह रिपोर्ट।

पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक-गैंगरेप के बाद लड़की को 23 मार्च को केरोसिन तेल छिड़ककर आरोपियों ने जला दिया। अस्पताल जाते समय लड़की ने अपने बयान में चाआरोपियों के नाम लिए। पहले लड़की को नगांव के अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज रवाना कर दिया था। जहां रात में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
एफआइआर के मुताबिक पीड़िता कक्षा पांचवी की छात्रा थी। उसका तीन बार बलात्कार हुआ। पहले 12 साल के सहपाठी ने किया, फिर 11 साल के चचेरे भाई और 19 साल के पड़ोसी जाकिर हुसैन ने बलात्कार किया। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हुसैन को नगांव सेंट्रल जेल में रखा गया है बाकी दोनों नाबालिगों को जोरहाट में बाल सुधार गृह में।

दिहाड़ी मजदूर पिता ने बताया कि वह खेत में काम करने गया था। शाम को उसकी पत्नी और बड़ी बेटा चाय लेकर आईं। तभी पता चला कि बिजली से आग लगने के कारण उसकी बेटी की मौत हो गई। जिस पर उसने पत्नी को डांटना शुरू किया कि वह क्यों स्कूल से घर आई बेटी को अकेले छोड़कर चली आई। उस समय करीब डेढ़ बज रहा था। पिता के मुताबिक जह वे भागते हुए घर पहुंचे तो देखा कि घर के सामने सौ से अधिक लोग जुटे थे। बिस्तर पर गंभीर रूप से जली बेटी पड़ी थी, चेहरा छोड़कर बाकी शरीर के सारे अंग जल चुके थे, इस नाते बेटी ने मौत से पहले आरोपियों के नाम बताए। पिता के मुताबिक घर के बाहर मौजूद कोई शख्स बेटी को बचाने नहीं आया।

आरोपी जाकिर हुसैन के घर पर टूटी पड़ी कुर्सी(फोटो-तोरा अग्रवाल)

घटना की रात दर्ज हुई शिकायत के मुताबिक जब बच्ची स्कूल से घर लौट रही थी तो हुसैन की अगुवाई में उसके सहपाठी और चचेरे भाई ने पीछा करना शुरू किया। घर पहुंचते ही घात लगाकर पहुंचे हुसैन ने लड़की को दबोच लिया। फिर तीनों लोगों ने लड़की को फर्श पर गिराकर बलात्कार किया। फिर हुसैन ने घर में डिब्बे में रखे केरोसिन तेल लड़की पर फेंककर आग लगा दी। बगल के कमरे में मौजूद बच्ची की भाभी ने आवाज सुनी तो वह अपने बच्चे के साथ कमरे में पहुंची और पानी डालना शुरू कर दिया। हालांकि तब तक पीड़िता गंभीर रूप से झुलस चुकी थी।पीड़िता की भाभी ने कहा-हम अब घर में अकेले अपने बच्चे के साथ नहीं रह सकते, जिस कमरे में हादसा हुआ, वहां जाने से डर लग रहा है। उधर बच्ची की मां घटना के बाद से बदहवाश है। कई बार ड्रिप दी जा रही है। बहुत दबाव डालने पर ही खाना खाती हैं।

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