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बोडोलैंड चुनाव: भाजपा ने NDA की साथी पार्टी बोडो पीपुल्स फ्रंट का छोड़ा साथ, बहुमत के लिए बना लिया अलग गठबंधन

बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के चुनाव को असम विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था, भाजपा ने इसमें 9 सीटें हासिल कर बढ़त बनाई है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र गुवाहाटी | Updated: December 13, 2020 8:18 PM
Assam, Sarbanand Sonowal, Bodolandअसम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बोडोलैंड परिषद के लिए अलग गठबंधन बनाने का ऐलान किया। (एक्सप्रेस फोटो)

बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) के 40 सीटों का चुनाव परिणाम जारी हो चुका है। चुनाव में सत्ताधारी बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) 17 सीटों पर जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, भाजपा ने यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) के साथ गठबंधन कर बहुमत हासिल कर लिया। चुनाव अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

इस चुनाव में भाजपा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 9 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, दूसरी सबसे बड़ी पार्टी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) को 12 सीटों पर जीत मिली है। कांग्रेस और गण सुरक्षा पार्टी (जीएसपी) को एक-एक सीटों पर जीत हासिल हुई है। बता दें कि बीपीएफ और भाजपा राज्य सरकार में तो सहयोगी दल हैं लेकिन इस चुनाव में दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ रही थीं और चुनाव प्रचार के दौरान एक-दूसरे पर हमलावर भी रही थीं।

दूसरी तरफ भाजपा और यूपीपीएल ने औपचारिक तौर पर तो गठबंधन की घोषणा नहीं की थी, लेकिन नतीजे आने के बाद दोनों ने गठबंधन में शामिल होने का फैसला किया। यूपीपीएल प्रमुख प्रमोद ब्रह्मा और भाजपा के मंत्री हिमंत बिस्व शर्मा, भाजपा राज्य इकाई के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मंगलादोई के सांसद दिलीप सैकिया शनिवार देर रात तक बीटीसी चुनाव पर चर्चा करते रहे थे। बीटीसी चुनाव को असम विधानसभा चुनाव का सेमी फाइनल माना जा रहा है।

रविवार को गठबंधन का ऐलान करते हुए असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने तीनों दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि 40 सदस्यीय नई परिषद की अध्यक्षता यूपीपीएल के प्रमुख प्रमोद बोडो करेंगे। बता दें कि बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) राज्य सरकार में भाजपा की गठबंधन सहयोगी है। बीपीएफ प्रमुख हाग्रामा मोहिलरी ने दिन में पहले भाजपा से परिषद का गठन करने के लिए अपना समर्थन देने की अपील की थी, क्योंकि दोनों पार्टियां राज्य और केंद्र में गठबंधन में हैं। बीपीएफ पिछले तीन कार्यकाल से परिषद का नेतृत्व कर रहा था। मोहिलरी परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) के रूप में नियुक्त थे।

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