Punjab News: पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने पिछले महीने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ‘गद्दार’ कहा जा रहा है। हरभजन सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जाहिर की है। हरभजन सिंह ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि एक राजनीतिक दल ने मेरे घर के बाहर पुतला जलाया और गद्दार लिखा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस देश की जनता तय करेगी कि उन्हें कैसे याद किया जाए।

हरभजन सिंह से एक्स पर देवेन्दर यादव नाम के एक शख्स ने सवाल किया। देवेन्दर ने कहा, “डियर गद्दार हरभजन सिंह, जिस लीडर को आप दिन रात भला बुरा बोलते हो, उसकी दी गई राज्यसभा सीट से इस्तीफा क्यों नहीं दिया?? पंजाब के 800+ किसान भाइयों की मौत की जिम्मेदार भाजपा में जाना आपकी कौनसी मजबूरी थी। आपके जमीर की कीमत कितनी लगाई आपने। सुना है 25-25 Cr में बोली लगाई है भाजपा ने गद्दारों की,सच है क्या।”

हरभजन सिंह ने दिया जवाब

इसका जवाब देते हुए पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा, “समय आने पर आपकी हर बात का जवाब दिया जाएगा। और मैं आपके किसी लीडर को गाली नहीं दी। अपनी जुबान क्यों गंदी करूं मै। और मुझे गद्दार कहने वालो पहले अपने लोगो से पूछो पंजाब की राज्य सभा सीट कितने मे बेची थी। अगर ना बताए तो मैं आपको बताऊंगा किसको कितना चढ़ावा गया था और किसकी तरफ से। और कैसे किसको मंत्री संतरी बनाया गया पंजाब को लूटने के लिए और लाला को माल पहुंचाने के लिए । पंजाब को लूट खा गए।”

एक दूसरे यूजर को जवाब देते हुए हरभजन सिंह ने कहा, “दीदी पॉलिटिकल पार्टी ने ही मेरे घर के बाहर पुतला जलाया और गद्दार लिखा । कॉमन लोग तो ऐसे काम नहीं करते। किसने निर्देश दिए थे पार्टी people को यह सब काम करे। इस देश ने मुझे बहुत प्यार दिया है 20 साल देश का नाम ऊंचा किया खेल कि मैदान में। और आपके लोगो को लगता है वो कोई टैग लाए तो वो लगा रहेगा । वो सिर्फ उनकी घटिया सोच दर्शाती है।”

बीजेपी में शामिल हो गए थे हरभजन सिंह

बता दें कि पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह छह अन्य आम आदमी सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। सात दलबदलुओं के शामिल होने से राज्यसभा में एनडीए की संख्या 141 से बढ़कर 148 हो गई थी। अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह समेत आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने दलबदल को पंजाब के जनादेश के साथ विश्वासघात और भगवंत मान सरकार के काम में बाधा डालने की कोशिश बताया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…