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राजस्थान भाजपा में नयों को लाने पुरानों को निपटाने की तैयारीे

राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष अशोक परनामी अपनी नई टीम में इस बार नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है। अध्यक्ष बनने के बाद परनामी अपनी प्रदेश कार्यसमिति का नए सिरे से गठन करेंगे

Author जयपुर | January 11, 2016 11:21 PM
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (पीटीआई फाइल फोटो)

राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष अशोक परनामी अपनी नई टीम में इस बार नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है। अध्यक्ष बनने के बाद परनामी अपनी प्रदेश कार्यसमिति का नए सिरे से गठन करेंगे और उसमें कई पुराने पदाधिकारियों की छुटटी करेंगे। परनामी ने प्रदेश भाजपा के नए पदाधिकारियों के चयन के लिए अपनी कसरत तेज कर दी है। इसके लिए उन्होंने आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से भी मंत्रणा की है। पदाधिकारी बनाने में इस बार एक पद एक व्यक्ति के सिद्वांत का पालन किया जाएगा। इससे सरकार में बैठे नेताओं को पार्टी पदाधिकारी नहीं बनाया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के निर्देशों के बाद सरकार और संगठन की गतिविधियों में तेजी लाने के लिए पार्टी की यहां 13 जनवरी को बैठक भी होगी।

प्रदेश भाजपा के दूसरी बार अध्यक्ष बने अशोक परनामी अपनी नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर गंभीरता से नेताओं को टटोल रहे हैं। इस बार परनामी ने निर्वाचित अध्यक्ष के तौर पर प्रदेश भाजपा की कमान संभाली है। अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए वह प्रदेश पदाधिकारियों की टीम बनाएंगे। उनकी मौजूदा कार्यसमिति में उन नेताओं को जगह नहीं मिलेगी जो अब सरकार में मंत्री बन गए हैं। परनामी का कहना है कि प्रदेश कार्यसमिति में एक व्यक्ति एक पद का सिद्वांत अपनाया जाएगा। इसके चलते ही सरकार में मंत्री और मंत्री के दर्जे वाले नेताओं को टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। जयपुर शहर की आदर्श नगर सीट से विधायक परनामी को पार्टी में सबको साथ लेकर चलने वाला नेता माना जाता है। इसके कारण ही उन्हें इस बार आम राय से प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि लंबे अरसे से हाशिए पर चल रहे नेताओं को भी परनामी अब मुख्य धारा में लाना चाहते है। प्रदेश भाजपा के 31 जिलों में अध्यक्ष बन गए हैं। जिलों में भी पार्टी कार्यकारिणी का गठन होगा। परनामी ने जिला अध्यक्षों को भी निर्देश दिया है कि ऐसे नेताओं को पदाधिकारी बनाया जाए जो सक्रिय होकर संगठन की गतिविधियां चला सके। राष्ट्रीय संगठन मंत्री और प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी वी सतीश भी पिछले लंबे अरसे से पार्टी की गतिविधियों को देख रहे है। प्रदेश अध्यक्ष परनामी और वी सतीश के बीच संगठन में नये पदाधिकारियों को लेकर लगातार विचार हो रहा है। वी सतीश आरएसएस के पदाधिकारियों की राय के आधार पर ही अपने सुझाव परनामी को दे रहे है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हाल में यहां का दौरा कर वसुंधरा सरकार के मंत्रियों की ट्रेनिंग क्लास ली थी। इसमें शाह ने मंत्रियों के कामकाज का आकलन किया था। सूत्रों का कहना है कि शाह के दौरे के बाद ही सरकार के कामकाज को बेहतर बनाने की कसरत संगठन ने शुरू कर दी है। प्रदेश के मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता खासे नाराज हंै। मंत्रियों के कामकाज को लेकर कई शिकायतें केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंची थी। इसके बाद ही अमित शाह ने यहां आकर मंत्रियों से सीधा संवाद किया था। शाह ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिए थे कि किसी भी हाल में कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। शाह का कहना था कि कार्यकर्ताओं की बदौलत ही सरकार बनती है। इसलिए मंत्रियों को कार्यकर्ताओं को पूरी तवज्जो देनी होगी। शाह के निर्देशों के बाद ही प्रदेश के प्रभारी राष्ट्रीय संगठन मंत्री वी सतीश ने जिलों के नेताओं से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रदेश भाजपा के नेताओं की शिकायत है कि सरकार पर नौकरशाही हावी है और इसके कारण ही कार्यकर्ताओं की मंत्रियों से दूरी हो गई है। नौकरशाही के आगे मंत्रियों की भी नहीं चलने से भाजपा सरकार की छवि बिगड़ रही है।

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