ताज़ा खबर
 

राजस्थान में भाजपा की नई टीम बनने के बाद सरकार में फेरबदल के आसार

राजस्थान में दूसरी बार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने अशोक परनामी का मानना है कि जनाधार और संगठन में सक्रिय नेताओं को पदों पर बिठाया जाए। इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी।

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी। (फाइल फोटो)

राजस्थान में भाजपा की नई कार्यसमिति के गठन को लेकर प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी खासी मशक्कत कर रहे हैं। इस बार उनकी नई टीम की देखरेख में ही पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेगी। इसलिए नए पदाधिकारियों के चयन में जातीय और सामाजिक समीकरणों पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही टीम के बनने के बाद प्रदेश के मंत्रिमंडल में भी फेरबदल की संभावना है।

राज्य में दूसरी बार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने अशोक परनामी करीब तीन महीने बाद भी अपनी नई कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाए हैं। परनामी का कहना है कि जल्द ही उनकी कार्यकारिणी बन जाएगी। इसके लिए सभी वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा किया जा रहा है। परनामी का कहना है कि इस बार ‘एक व्यक्ति-एक पद’ के सिद्धांत का पालन किया जाएगा। नई टीम में युवाओं और महिलाओं को ज्यादा स्थान दिया जाएगा। भाजपा सूत्रों का कहना है कि अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण भी बनाए जाएंगे।

परनामी का मानना है कि जनाधार और संगठन में सक्रिय नेताओं को पदों पर बिठाया जाए। इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी। प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री नहीं होने के कारण भी पार्टी के संघ से जुड़े लोगों को अपनी बात कहने में परेशानी होती है। इसके लिए परनामी ने संघ के प्रदेश पदाधिकारियों से सुझाव मांगे हैं जो पदाधिकारी बनाए जा सकते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि परनामी की कार्यकारिणी में संघ से जुड़े नेताओं का दबदबा होगा।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी ने अलवर और अजमेर जिलों के दौरान भी पार्टी नेताओं की नब्ज टटोली है। परनामी ने अलवर में कहा कि कार्यकारिणी का गठन होने के बाद मंत्रिमंडल में भी बदलाव हो सकता है। मंत्रिमंडल में बदलाव का अधिकार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को है। परनामी ने अपनी कार्यकारिणी गठन के लिए मुख्यमंत्री से कई दौर की मंत्रणा की है। सूत्रों का कहना है कि राजे मंत्रिमंडल के करीब आधा दर्जन मंत्रियों को परनामी अपनी कार्यकारिणी में लेना चाहते हैं। भाजपा के नियम ‘एक व्यक्ति एक पद’ के अनुसार ऐसे मंत्रियों को सरकार से इस्तीफा देना होगा। इसके चलते ही मंत्रिमंडल में भी फेरबदल के आसार हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने मंत्रियों के कुछ विभागों में भी फेरबदल करना चाहती हैं। विधानसभा के बजट सत्र में कई मंत्रियों की विभागीय पकड़ कमजोर साबित हुई थी।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि कई मंत्रियों के पास दो से ज्यादा बडेÞ विभाग हैं। ऐसे मंत्रियों का भार कम किया जाएगा। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ से यह महकमा लेकर उनका बोझ कम किया जाएगा। उनके पास संसदीय कार्य और विधि जैसे अहम विभाग भी हैं। चिकित्सा विभाग किरण माहेश्वरी को देने के कयास हैं। उद्योग मंत्री गजेंद्र सिंह, राजस्व मंत्री अमराराम, उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सर्राफ, ग्रामीण विकास मंत्री सुरेंद्र गोयल, महिला बाल विकास मंत्री अनिता भदेल जैसे मंत्रियों के विभागों में बदलाव तय माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने हाल में अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर संगठन और सरकार के कामकाज का ब्योरा दिया था। इस दौरान ही मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए दोनों नेताओं के बीच मंत्रणा हुई थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पूर्व में ही निर्देश दे चुके हैं कि कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं करने वाले मंत्रियों पर सख्ती बरती जाए। शाह के पास प्रदेश के करीब एक दर्जन मंत्रियों के बारे में कई शिकायतें पहुंची हैं। इनमें भ्रष्टाचार से लेकर कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं करने की ज्यादा हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App