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Rajasthan: 26 विभागों में कैबिनेट मंत्रियों को मिला राज्यमंत्री का साथ, राज्यमंत्रियों को भी मिले 4-6 विभाग

राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत ने मंत्रियों को विभाग बांटने में काफी सतर्कता बरती है। बता दें कि पहली बार 26 विभाग ऐसे हैं जिनमें कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्य मंत्री भी लगाए गए हैं।

अशोक गहलोत, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत ने मंत्रियों को विभाग बांटने में काफी सतर्कता बरती है। बता दें कि पहली बार 26 विभाग ऐसे हैं जिनमें कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्य मंत्री भी लगाए गए हैं। ऐसे में सभी दस राज्यमंत्रियों को भी पहली बार कैबिनेट के बराबर ही स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाकर हर विभाग को ताकतवर बनाया गया है। गौरतलब है कि राज्य मंत्री को भी कैबिनेट मंत्रियों के बराबर ही 4-6 विभाग दिए गए हैं।

इन कैबिनेट मंत्रियों के अलावा सबको मिले राज्य मंत्री: बता दें कि अशोक गहलोत, सचिन पायलट, बी डी कल्ला, शांति धारीवाला और प्रमोद जैन भाया के अलावा एक भी कैबिनेट मंत्री ऐसा नहीं है जिसके साथ कोई राज्य मंत्री न हो। ऐसे में साफ है कि पहले जहां विभागों के अफसरों को एक ही मंत्री को फाइल भेजनी होती थी तो लेकिन अब से ये सीन पलट जाएगा। वहीं आईएएस अफसरों को दो से छह मंत्रियों को रिपोर्ट करना पड़ेगा।

किसको कितने मिले विभाग: दरअसल ऐसा पहली बार हुआ है जब सभी के पास अपने स्वतंत्र विभाग एक या दो देने के साथ कुल 4-6 विभाग दिए हैं। पहले जहां कैबिनेट मंत्री के साथ एक राज्यमंत्री लगाया जाता था तो भी उनके पास एक ही विभाग दिया जाता था। बता दें कि इस बार राज्यमंत्री स्वतंत्र कुछ ऐसे दिया गया है।
प्रभार गोविंद सिंह डोटासरा- 4 विभाग
ममता भूपेश- 4 विभाग
टीकाराम जूली- 4 विभाग
भजनलाल जाटव- 5 विभाग
राजेन्द्र सिंह यादव-5 विभाग
सुभाष गर्ग- 6 विभाग
अर्जुन सिंह बामणिया – 3 विभाग
भंवरसिंह भाटी -5 विभाग
सुखराम विश्नोई – 4 विभाग
अशोक चांदणा – 4 विभाग

इन दस विभागों को दिया तोड़: इस बार गहलोत ने एक ही तरह के विभागों को गहलोत ने दो से तीन विभागों में बांट दिया है और अलग अलग मंत्री बना दिए हैं। जैसे ही अभी तक उच्च, तकनीक और संस्कृत शिक्षा एक ही मंत्री होता था। लेकिन इस बार उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी, तकनीकी और संस्कृत शिक्षा सुभाष गर्ग को दी गई है। वहीं अब तक जल संसाधन, इंदिरा गांधी नगर परियोजना विकास तथा सिंचित क्षेत्र विकास के एक ही मंत्री होते थे लेकिन इस बार इनको भी अलग अलग बांट दिया गया है जिसमें जल संसाधन खुद सीएम के पास, इंदिरा गांधी नगर परियोजना उदयलाल आंजणा और सिंचित क्षेत्र विकास मंत्री हरीश चौधरी को बनाया है। वहीं राजस्व, उपनिवेशन, पुनर्वास एवं देवस्थान जैसे मंत्रालय एक मंत्री के पास रहते थे। अब राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, देवस्थान मंत्री विश्वेंद्रसिंह को बनाया है।

26 विभाग- कैबिनेट मंत्रियों को मिला राज्यमंत्री का साथ
परिवहन व सैनिक कल्याण विभाग: प्रतापसिंह खाचरियावास और अशोक चांदणा
अल्पसंख्यक, वक्फ, जन अभियोग निवारण विभाग: शाले मोहम्मद और ममता भूपेश
सहकारिता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना विभाग: उदयलाल और टीकाराम
उद्योग तथा राजकीय उपक्रम दो विभाग: परसादीलाल और अर्जुन बामणिया
कृषि, पशुपालन और मत्स्य तीन विभाग: लालचंद कटारिया और भजनलाल जाटव
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, आयुर्वेद तथा चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं तीन विभाग: रघु शर्मा और सुभाष गर्ग
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व आपदा प्रबंधन विभाग: भंवर लाल और राजेंद्र यादव,
पर्यटन एवं देवस्थान विभाग: विश्वेंद्रसिंह और गोविंदसिंह
राजस्व, उपनिवेशन, कृषि सिंचित क्षेत्रीय विकास तीन विभाग: हरीश चौधरी और भंवरसिंह
खाद्य नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता विभाग: रमेश मीणा और सुखराम

 

सीएम गहलोत ने की जिम्मेदारी: गृह, वित्त और कार्मिक जैसे करीब आधा दर्जन विभागों में किसी भी राज्यमंत्री को नहीं रखा गया है। इन विभागों को खुद सीएम देखेंगे।

 

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