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आशीष दुबे की रिपोर्टः एनजीटी के ये दो फैसले शोर से बनाएंगे आपका फासला

नोएडा के सेक्टर- 29 के पंजाबी क्लब में तेज आवाज में डीजे बजाने के खिलाफ एनजीटी के आदेश का विभिन्न संगठनों समेत आम जनता ने पुरजोर समर्थन किया है।

Author नोएडा | August 25, 2016 1:57 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

नोएडा के सेक्टर- 29 के पंजाबी क्लब में तेज आवाज में डीजे बजाने के खिलाफ एनजीटी के आदेश का विभिन्न संगठनों समेत आम जनता ने पुरजोर समर्थन किया है। इस एतिहासिक फैसले का असर न केवल पंजाबी क्लब, बल्कि उन तमाम सामुदायिक केंद्र, क्लब और बेंकट हॉल संचालकों पर पड़ेगा, जहां नियमों की अनदेखी कर देर रात तक और बहुत तेज आवाज में डीजे बजा कर लोगों को परेशान किया जाता है। आदेश के चलते खासतौर पर रिहायशी इलाके, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज आदि के पास शादी- ब्याह, पार्टी में तेज आवाज करने पर रोक लग सकेगी। लोगों का मानना है कि अभी तक सुनवाई नहीं होने के डर से उल्लंघन करने वाले सामुदायिक केंद्र, क्लब और बैंकट हॉल संचालकों के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते थे। लेकिन पंजाबी क्लब मामले पर एनजीटी के आदेश के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसी जा सकेगी। हाल ही में मेट्रो को रेल से भिन्न मानते हुए एनजीटी ने नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाली मेट्रो परियोजना के लिए पर्यावरण स्वीकृति अनिवार्य कर दी है। जानकारों के अनुसार पंजाबी क्लब और ग्रेटर नोएडा मेट्रो, दोनों नोएडा की तरफ से उठाए मामले हैं जो आने वाले दिनों में पूरे देश भर के लिए नजीर बनेंगे।

राष्ट्रीय हरित पंचाट (एनजीटी) ने तीन दिन पहले नोएडा के सेक्टर- 29 के पंजाबी क्लब में डीजे बजाने पर रोक लगाने का आदेश दिया था। सेक्टर- 29 के निवासी राजीव राय ने एनजीटी में देर रात तक क्लब में शादी समारोह के दौरान तेज आवाज डीजे बजाने से लोगों को होने वाली असुविधा को लेकर याचिका दायर की थी। क्लब से सटा 40 बिस्तरों वाला अस्पताल और चर्च भी है। अमूमन अस्पताल को साइलेंट जोन में रखा जाता है। अस्पताल से 100 मीटर के दायरे में डीजे, लाउडस्पीकर आदि बजाने पर रोक होती है। इसके बावजूद तेज आवाज में डीजे बजाया जाता रहा है। डीजे बजाने से पैदा होने वाले शोर की उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोएडा कार्यालय ने जांच कराई थी। जिसमें मानक से काफी ज्यादा ध्वनि प्रदूषण होने की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर एनजीटी ने क्लब के डीजे को सील कर 8 सितंबर अगली सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है।

इस मामले पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. बीबी अवस्थी ने बताया कि पंजाबी क्लब में समारोहों के दौरान शोर की जांच की गई थी। ध्वनि प्रदूषण का लेवल मानक से ज्यादा निकला था। 8 सितंबर तक क्लब में डीजे या लाउडस्पीकर बजाने पर रोक है। पंजाबी क्लब के अध्यक्ष राकेश कत्याल ने कहा कि 8 सितंबर को होने वाली सुनवाई में पक्ष रखा जाएगा। अस्पताल के बगल में होने की वजह से तेज आवाज में डीजे आदि चलाने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। दूसरी तरफ सेक्टर- 29 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल ओपी मेहता ने बताया कि क्लब और अस्पताल दोनों कैसे अगल- बगल में आवंटित हुए हैं। इसकी जांच होनी जरूरी है। अस्पताल में मरीजों के लिए 100 फीसद शांति जरूरी है जबकि क्लब जैसी जगहों पर शोर- शराबा होना सामान्य बात है। अलबत्ता मौजूदा परिवेश में अस्पताल के बगल में संचालित क्लब में डीजे आदि पर रोक लगानी जरूरी बताई है।

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