बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले आरजेडी की अगुवाई वाले महागठबंधन को बड़ी राहत मिली है। राहत की वजह यह है कि हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने महागठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करने का ऐलान किया है।
इससे पहले बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे।
तेजस्वी ने अख्तरुल ईमान से महागठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की थी।
इफ्तार पार्टी के बाद अख्तरुल ईमान ने घोषणा की कि एआईएमआईएम के पांचों विधायक सोमवार को होने वाले राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह का समर्थन करेंगे।
विधायकों के खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए आरजेडी ने अपने सभी विधायकों को पटना के एक आलीशान होटल में ठहराया है। आरजेडी नेताओं ने आरोप लगाया कि एनडीए उनके विधायकों को अपने पाले में करने की कोशिश कर सकता है और इसी वजह से सभी विधायकों को होटल में ठहराया गया है। आरजेडी का कहना है कि बीजेपी ने जबरदस्ती पांचवें उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा है।
जीत के लिए चाहिए 41 विधायकों के वोट
राज्यसभा के चुनाव में जीत के लिए हर उम्मीदवार को 41 विधायकों के वोटों के समर्थन की जरूरत होगी। 243 सदस्यों वाली बिहार की विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायक हैं। इस हिसाब से एनडीए राज्यसभा की चार सीटें आसानी से जीत सकता है जबकि पांचवें उम्मीदवार को जिताने के लिए एनडीए को तीन विधायकों के वोट चाहिए होंगे।
दूसरी ओर, महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं और राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए उसे 6 और विधायकों का समर्थन चाहिए।
दिन भर चला बैठकों का दौर
रविवार को एनडीए में शामिल दलों ने अपने विधायकों के साथ कई बैठकें कीं। संसदीय कार्य मंत्री और जदयू नेता विजय कुमार चौधरी के आवास पर कम से कम दो बैठकें हुईं। इन बैठकों में से एक में जेडीयू प्रमुख एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित थे। राज्यसभा चुनाव में नीतीश ने भी पर्चा दाखिल किया है।
उपमुख्यमंत्री एवं बीजेपी नेता सम्राट चौधरी के आवास पर भी एक बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के विधायक और पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजू तिवारी ने कहा कि एनडीए के पांचों उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।
एनडीए के उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम का नाम शामिल है।
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सुपौल से लेकर शेखपुरा तक नीतीश कुमार ने कई जनसभाओं को संबोधित किया। इस यात्रा से इस बात के संकेत मिले कि आने वाले दिनों में सम्राट चौधरी नीतीश के बाद अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
