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अयोध्या में एक और जमीन विवाद, 20 लाख की जमीन ढाई करोड़ में बेचने का आरोप

आरोप है कि जिस नए जमीन लेनदेन के बारे में खुलासा हुआ है, उसमें अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भांजे दीप नारायण उपाध्याय की भूमिका है।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र अयोध्या | Updated: June 20, 2021 11:46 AM
अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट के जमीन सौदे पर विवाद बढ़ता जा रहा है। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में इस वक्त राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई एक जमीन पर विवाद दिन पर दिन जोर पकड़ता जा रहा है। विपक्षी पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा से लेकर संघ तक को निशाना बनाया है। दूसरी तरफ भाजपा की ओर से लगातार किसी भी तरह के आरोपों से इनकार किया जा रहा है। हालांकि, इस बीच दो और जमीन सौदे पर हुए खुलासे ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आरोप है कि जिस नए जमीन लेनदेन के बारे में खुलासा हुआ है, उसमें अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे दीप नारायण उपाध्याय की भी भूमिका है।

क्या है मामला?: जानकारी के मुताबिक, अयोध्या मेयर के भतीजे ने 20 लाख रुपए में जो जमीन खरीदी थी, उसे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ढाई करोड़ रुपए में बेचा। वहीं एक दूसरी जमीन जिसे 27 लाख रुपए में खरीदा गया था, उसे भी मेयर के भतीजे ने राम मंदिर ट्रस्ट को एक करोड़ रुपए में बेचा। इस डील को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना भी साधा है।

तीन महीने पहले खरीदी 20 लाख में जमीन, 2.5 करोड़ में बेची: आरोप हैं कि अयोध्या मेयर के भतीजे ने 20 फरवरी 2021 को ही 890 वर्ग मीटर की जमीन अयोध्या के महंत देवेंद्र प्रसाद आचार्य से 20 लाख रुपए में खरीदी थी। तब इस जमीन की कीमत सर्किल रेट के हिसाब से 35.6 लाख रुपए आंकी गई थी। हालांकि, डील के जो दस्तावेज सामने आए हैं, उसके मुताबिक, तीन महीने बाद ही दीप नारायण ने इस जमीन को राम मंदिर ट्रस्ट को 2.5 करोड़ रुपए में बेच दिया।

बताया गया है कि दीप नारायण ने एक और 676 वर्ग मीट की जमीन इसी दिन मंदिर ट्रस्ट को एक करोड़ रुपए में बेची थी, जबकि सर्किल रेट के हिसाब से तब यह जमीन 27 लाख रुपए की कीमत की थी। यानी जो जमीन 4 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर पर खरीदी गई थी, उसे 14 हजार 774 रुपए प्रति वर्ग मीटर के दाम पर बेचा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन दोनों डील में ट्रस्ट की ओर से गवाह अनिल मिश्रा ही मौजूद थे, जो कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट की कथित पहली विवादित जमीन खरीद के भी गवाह रहे थे।

विपक्ष ने साधा भाजपा पर निशाना: इस मामले पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए ट्विटर पर लिखा, “भाजपा वालों ने चंदा चोरी कर ली इसीलिये नही बन पा रहा प्रभु श्री राम का मंदिर। BJP मेयर के भांजे ने 20 लाख की ज़मीन ट्रस्ट को 2.5 करोड़ में बेची, कमाया 13 गुना माल।

उधर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर कहा, “धर्म-आस्था-विश्वास को बेच मुनाफे की लूट में लगे भाजपाई नेता भगवान राम के मंदिर के चंदे की लूट रामद्रोह है। राम मंदिर की जमीन खरीद में 79 दिनों में 1250% बढ़ोत्तरी है साफ हेराफेरी व महापाप।” इसके बाद उन्होंने लिखा, “नाम राम को अंक है सब साधन हैं सून। अंक गएं कछु हाथ नहिं अंक रहें दस गून।।”

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