सहनी के पीछे लगेगी लाइन? नीतीश सरकार से खुश नहीं भाजपा के विधायक, ज्ञानेंद्र सिंह ने खोला मोर्चा

बिहार में भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने तो जदयू के साथ अपनी पार्टी के मंत्रियों पर ट्रांसफर-भर्ती के लिए जबरदस्त उगाही करने के आरोप लगा दिए।

Nitish Kumar, Gyanendra Singh
भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने नीतीश सरकार के मंत्रियों पर लगाए हैं उगाही के आरोप।

बिहार के समाज कल्याण मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के विधायक मदन सहनी ने गुरुवार को मंत्री पद से इस्तीफा देने की बात कही है। उन्होंने नीतीश सरकार में ब्यूरोक्रेसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री रहकर वे किसी की मदद नहीं कर पा रहे, तो इस पद पर रहने का कोई फायदा नहीं। हालांकि, सरकार से किसी मुद्दे पर असंतुष्टि जताने वाले मदन सहनी अकेले नेता नहीं रहे। उनके अलावा भाजपा के दो नेताओं ने भी जमकर भड़ास निकाली और नेतृत्व की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया।

बताया गया है कि नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा के दो नेताओं में पहला नाम ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू का रहा, जिन्होंने ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए मंत्रियों पर पैसा खाने का आरोप लगाया। राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्रियों ने खूब मलाई मारी है। इस दौरान उन्होंने अपनी पार्टी को भी नहीं बख्शा और कहा कि भाजपा के 80 फीसदी मंत्रियों ने माल बटोरा है।

नाराज नेता बोले- मंत्रियों के घर हो छापेमारी, तो करोड़ों मिलेंगे: भाजपा विधायक ने कहा कि जदयू में ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल से माल बटोरने वाले भाजपा के मुकाबले कम रहे। क्योंकि वहां सीएम नीतीश कुमार का डर है। उन्होंने कहा कि भाजपा मंत्रियों में तो किसी का डर भी नहीं है और इसलिए उन्होंने जमकर मनमानी की और अच्छी उगाही की।

ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि अगर आज मंत्रियों के आवाज पर छापेमारी की जाए, तो करोड़ों रुपए मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस वसूली अभियान के लिए मंत्रियों ने पुख्ता प्रबंध किए थे और मनचाही जगहों पर पोस्टिंग के लिए भारी-भरकम बोलियां लगवाई गईं।

एक और भाजपा विधायक बोले- हमारा मान-सम्मान दांव पर: दूसरी तरफ बिस्फी से भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने भी मदन सहनी की तरह ही विधायक पद की स्थिति को लेकर शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में विधायकों की स्थिति चपरासी से भी बद्तर हो गई है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर तक पर भ्रष्टाचार है। लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अधिकारी तक विधायकों की बात नहीं सुनते। विधायक अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं, लोग उनके पास शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन आखिर वे समस्याएं लेकर किसके पास जाएं। बचौल ने कहा कि हम किसी से अनुरोध तक नहीं कर सकते। विधायकों का मान-सम्मान दांव पर है।

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