दिल्ली सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक सरकारी आवास को ‘दिल्ली स्टेट गेस्ट हाउस-कम-सांस्कृतिक केंद्र’ के रूप में विकसित करेगी। द इंडियन एक्सप्रेस को यह जानकारी मिली है।

उत्तर दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड वाले इस बंगले के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण को पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने कराया था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था। बीजेपी इस बंगले को ‘शीश महल’ कहकर निशाना बनाती रही। अक्टूबर 2024 में अरविंद केजरीवाल के यह घर खाली करने के बाद से यह बंगला खाली पड़ा है।

दिल्ली सरकार के एक सूत्र ने बताया, ”सिविल लाइंस स्थित इस बंगले को विकसित करने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। इस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा हुई। लोक निर्माण विभाग (PWD) से इस संपत्ति की वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण देने को कहा गया है।”

दिल्ली के पास नहीं अपना स्टेट गेस्ट हाउस

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले सप्ताह हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक के एजेंडे में इस बंगले का प्रस्ताव शामिल था। लेकिन उस समय सरकार का पूरा ध्यान नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति लागू करने पर होने के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”इस प्रस्ताव को जल्द ही अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।”

अधिकारियों ने बताया कि दूसरे राज्यों के उलट, दिल्ली के पास अभी तक कोई आधिकारिक राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) या दिल्ली भवन नहीं है जहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों तथा प्रतिनिधिमंडलों को ठहराया जा सके।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”जब भी देश या विदेश से कोई मेहमान या प्रतिनिधिमंडल दिल्ली आता है तो उनके ठहरने और मेहमाननवाज़ी की व्यवस्था सरकार को अलग से करनी पड़ती है। चूंकि यह सरकारी संपत्ति पहले से उपलब्ध है, इसलिए इसे स्टेट गेस्ट हाउस के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।”

बंगले में क्या-क्या होगा

उन्होंने आगे कहा, ”बंगले के पीछे पर्याप्त खाली जगह को भी विकसित किया जाएगा। आम आदमी पार्टी सरकार ने इस बंगले के बगल में एक नई इमारत का निर्माण भी शुरू किया है। उस इमारत को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल कर विकसित किया जाएगा।”

अधिकारियों के मुताबिक, इस नए परिसर में मेहमानों के लिए कमरे, एक कॉन्फ्रेंस हॉल, बैठक कक्ष (मीटिंग स्पेस) और एक आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। यहां सांस्कृतिक और कलात्मक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां (एग्जीबिशन) तथा सरकारी समारोह आयोजित किए जा सकेंगे।

आपको बता दें कि 2015 से करीब एक दशक तक केजरीवाल और उनका परिवार इस बंगले में रहा। बंगले के नवीनीकरण और निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद सतर्कता निदेशालय (Directorate of Vigilance) ने इसकी जांच शुरू की थी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कथित ‘शीश महल’ को आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का बड़ा उदाहरण बताते हुए चुनावी मुद्दा बनाया था।

2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने अपनी रैलियों और जनसभाओं में इस बंगले की छोटी-छोटी प्रतिकृतियां (मॉडल) भी प्रदर्शित की थीं ताकि इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाया जा सके।

नवीनीकरण पर खर्च हुए थे करोड़ों

बंगले के नवीनीकरण के बाद उसका बिल्ट-अप एरिया 1,397 वर्ग मीटर से बढ़कर 1,905 वर्ग मीटर हो गया यानी इसमें एक-तिहाई से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग (PWD) ने नवीनीकरण की लागत के शुरुआती अनुमान को चार बार संशोधित किया।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, बंगले के नवीनीकरण पर कुल 33.66 करोड़ रुपये खर्च हुए जो शुरुआती अनुमान से 340% से ज्यादा था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस राशि में से 18.88 करोड़ रुपये उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री, कलात्मक, प्राचीन (एंटीक) और सजावटी वस्तुओं पर खर्च किए गए।