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केजरीवाल ने कहा, देरी के लिए दोषारोपण नहीं, मेट्रो के लिए दिल्ली सरकार ने मांगा केंद्र का सहयोग

केंद्र ने दिल्ली सरकार की शर्तों को नजरअंदाज करते हुए यह मंजूरी दी थी। इन्हीं मतभेदों के चलते परियोजना पर काम शुरू नहीं हो सका। इस परियोजना में हुई देरी के लिए अब तक दिल्ली व केंद्र सरकार एक दूसरे पर दोषारोपण करते रहे हैं।

Author नई दिल्ली | July 14, 2019 3:01 AM
दिल्ली मेट्रो फोटो सोर्स- जनसत्ता

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मेट्रो के चौथे चरण का काम पूरा होने के लिए केंद्र का सहयोग मांगा है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार परियोजना के उन तीन गलियारों को शीघ्र मंजूरी देगी, जिनकी मंजूरी उसने पहले नहीं दी थी। केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने ‘आप’ सरकार द्वारा प्रस्तावित छह में से तीन गलियारों को मार्च में मंजूरी दे दी थी। केंद्र ने दिल्ली सरकार की शर्तों को नजरअंदाज करते हुए यह मंजूरी दी थी। इन्हीं मतभेदों के चलते परियोजना पर काम शुरू नहीं हो सका। इस परियोजना में हुई देरी के लिए अब तक दिल्ली व केंद्र सरकार एक दूसरे पर दोषारोपण करते रहे हैं। ज्ञात हो कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में निर्माण कार्य शुरू करने को कहा था।

इससे पहले ‘आप’ सरकार ने कहा था कि उसने परियोजना को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि ‘मुझे उम्मीद है कि केंद्र शेष तीन कॉरिडोर को शीघ्र मंजूरी देगा। लोग चाहते हैं कि मेट्रो के चौथे चरण का निर्माण कार्य जल्दी शुरू हो।’ उन्होंने लिखा कि ‘कई सालों से काम अटका पड़ा है। हमें इस पर नहीं जाना चाहिए कि कब-किसकी गलती थी। बल्कि इसे जल्द से जल्द पूरा करने करने के लिए सभी को साथ आना चाहिए, और यही जनहित में हैं।’ केंद्र ने तीन गलियारों में मुकुन्दपुर से मौजपुर, जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम और एअरोसिटी से तुगलकाबाद को मंजूरी दी है। वहीं रिठाला से बवाना और नरेला, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ और लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक कॉरिडोर को नामंजूर किया है। ‘आप’ ने केंद्र के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि केंद्र सरकार ने बिना कोई कारण बताए परियोजना में कुछ एकतरफा बदलाव किए हैं।

3 साल तक क्यों लटकाया काम : भाजपा

विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को यह बताना चाहिए कि मेट्रो विस्तार परियोजना को तीन साल तक लटका कर क्यों रखा गया, जिससे परियोजना की लागत भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने इसी प्रकार दिल्ली- मेरठ रैपिड कॉरिडोर में भी रोड़े लगाए हैं और न्यायालय के दखल के बाद ही इसकी अनुमति दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार आम जनता के लिए एक भी बस उपलब्ध नहीं कराई है।

बेजिंग और शंघाई के बाद दिल्ली सबसे आगे

केंद्र व दिल्ली सरकार को चौथे चरण पर काम करना है। इस चरण में करीब 103 किलोमीटर 6 नई लाइने, बिछाई जाएंगी। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो के पास 350 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क है। इस समय दुनिया में चीन के बेजिंग के पास 599 किलोमीटर और शंघाई के पास 644 किलोमीटर मेट्रो है। चौथा चरण पूरा होने के बाद दिल्ली के पास 450 किमी का नेटवर्क होगा।

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