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आप का आरोप, जांच बंद कराने के लिए जेटली ने पुलिस आयुक्त पर बनाया था दबाव

वित्त मंत्री अरुण जेटली को डीडीसीए मामले को लेकर बुधवार को नए हमलों का सामना करना पड़ा। एक तरफ आम आदमी पार्टी ने उन पर इस मामले की जांच बंद कराने के लिए पुलिस आयुक्त पर दबाव बनाने का आरोप लगाया..

Author नई दिल्ली | December 31, 2015 2:01 AM
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली को डीडीसीए मामले को लेकर बुधवार को नए हमलों का सामना करना पड़ा। एक तरफ आम आदमी पार्टी ने उन पर इस मामले की जांच बंद कराने के लिए पुलिस आयुक्त पर दबाव बनाने का आरोप लगाया तो दूसरी ओर भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने दावा किया कि एसएफआइओ जांच रिपोर्ट में जेटली पर मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई थी।

वित्त मंत्री के खिलाफ अपने आक्रामक रुख को बरकरार रखते हुए आप ने दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता और तत्कालीन विशेष आयुक्त रंजीत नारायण को कथित रूप से जेटली के लिखे दो पत्रों को जारी किया। दावा किया गया है कि इन पत्रों में जेटली ने दोनों अधिकारियों से अपील की थी कि वे मामले को सही से देखें और मामले को बंद कर दें क्योंकि डीडीसीए ने कुछ गलत नहीं किया था। ताजा हमले के बाद पार्टी ने जेटली के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई है। कथित रूप से गुप्ता को लिखा गया पत्र 27 अक्तूबर 2011 का और नारायण को लिखा पत्र पांच मई 2012 का है।

आप नेता आशुतोष ने दावा किया कि इन पत्रों ने वित्त मंत्री के बार-बार किए गए इन दावों की हवा निकाल दी है कि उनका दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन में किसी भी गलत काम से कोई संबंध नहीं है, जिसकी उन्होंने 1999 से 2013 के बीच कमान संभाली थी। नारायण को लिखे पत्र में जेटली को यह लिखते हुए उद्धृत किया गया है कि कुछ लोग सिंडिकेट बैंक क्रिकेट क्लब की पहचान के संबंध में शिकायतें लेकर दिल्ली पुलिस के पास बार-बार जा रहे हैं। ये शिकायतें पूरी तरह निराधार हैं और इससे किसी अपराध का खुलासा नहीं होता। इस संबंध में बार-बार सवाल किए जाने से डीडीसीए के कुछ पदाधिकारी परेशान महसूस कर रहे हैं। मैं आपसे अपील करूं गा कि इस मामले को देखें ताकि इससे सही तरीके से निपटा जा सके। इसे बंद कर दें क्योंकि डीडीसीए ने कुछ गलत नहीं किया है।

उधर कीर्ति आजाद ने एक तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उन आरोपों का भी समर्थन किया कि डीडीसीए के एक अधिकारी ने एक महिला से उनके पुत्र को क्रिकेट टीम में शामिल कराने के बदले में यौन संबंध बनाने की मांग की थी। आजाद ने कहा कि उन्होंने 2007 में ऐसा ही मुद्दा उठाया था। आजाद ने दिल्ली क्रिकेट इकाई के मामलों की जांच करने वाले गंभीर जालसाजी जांच कार्यालय (एसएफआइओ) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए यहां पत्रकारों के समक्ष दावा किया कि रिपोर्ट में अन्य लोगों समेत जेटली के खिलाफ अभियोजन की सिफारिश की थी, लेकिन पिछले तीन सालों में ऐसा नहीं किया गया।

आजाद ने कहा कि कंपनी अधिनियम 1956 के तहत सभी निदेशकों को एक विशेष भूमिका दी जानी होती है। अगर उन्हें यह भूमिका नहीं दी जाती है तो फिर उन सबके खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई के शब्द का इस्तेमाल किया गया है। जेटली समेत 27 कार्यकारी सदस्यों को कोई भूमिका नहीं दी गई थी। लेकिन जेटली समेत 24 के मामले में कुछ नहीं हुआ। एसएफआइओ ने सिफारिश की थी कि कंपनी अधिनियम की धारा 5 जी के तहत कंपनियों के पंजीयक को उनके खिलाफ मुकदमा चलाना चाहिए। यह दर्शाता है कि बीसीसीआइ कानून से ऊपर है। सिफारिशों को बीते तीन साल का समय हो चुका है लेकिन उन पर मुकदमा नहीं चलाया गया।

खेल प्रशासन की सरकार द्वारा निगरानी की मांग करते हुए आजाद ने आरोप लगाया कि बीसीसीआइ से जुड़े सात-आठ नेताओं के कारण यूपीए के सत्ता में रहने के दौरान तत्कालीन खेल मंत्री अजय माकन इस संबंध में विधेयक लाने में नाकाम रहे। खुद को धोखेबाज कहने वाले जेटली पर पलटवार करते हुए आजाद ने कहा-ये हैं धोखेबाज जिन्होंने विधेयक नहीं आने दिया। कैबिनेट के भीतर और बाहर के धोखेबाज। मुझे उम्मीद है कि यह आएगा। मुझे उस इंसान (माकन) से मोहब्बत है।

इन नेताओं के नाम पूछे जाने पर आजाद ने जेटली, ठाकुर, राजीव शुक्ला, ज्योतिरादित्य सिंधिया, फारू क अब्दुल्ला और प्रफुल्ल पटेल का नाम लिया। ये सभी उस समय और पटेल को छोड़कर अधिकतर आज भी क्रिकेट प्रबंधन में शामिल हैं। पटेल अखिल भारतीय फुटबाल संघ के अध्यक्ष हैं। ठाकुर का नाम लेते हुए दरभंगा से तीन बार के सांसद आजाद ने कहा-आप दो पदों पर नहीं रह सकते। यह हितों के टकराव का मामला है। या तो आप संसद में हैं या आप एक खेल संघ से जुड़े हैं।

आयुक्त को लिखे पत्र जारी: वित्त मंत्री के खिलाफ अपने आक्रामक रुख को बरकरार रखते हुए आप ने दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता और तत्कालीन विशेष आयुक्त रंजीत नारायण को कथित रूप से जेटली के लिखे दो पत्रों को जारी किया। आप नेता आशुतोष ने दावा किया कि इन पत्रों ने वित्त मंत्री के बार-बार किए गए इन दावों की हवा निकाल दी है कि उनका दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन में किसी भी गलत काम से कोई संबंध नहीं है, जिसकी उन्होंने 1999 से 2013 के बीच कमान संभाली थी।

यौन संबंध के आरोप का समर्थन: कीर्ति आजाद ने एक तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उन आरोपों का भी समर्थन किया कि डीडीसीए के एक अधिकारी ने एक महिला से उनके पुत्र को क्रिकेट टीम में शामिल कराने के बदले में यौन संबंध बनाने की मांग की थी। आजाद ने कहा कि उन्होंने 2007 में ऐसा ही मुद्दा उठाया था।

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