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51 दिन तक मान-मनौव्‍वल करते रहे अरविंद केजरीवाल, आशुतोष को दिए गए थे लुभावने ऑफर्स

आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने वाले आशुतोष को पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लुभावने ऑफर्स दिए थे और 51 दिनों तक मान-मनौव्वल की थी। केजरीवाल ने 23 जून से लेकर 15 अगस्त तक कई बार आशुतोष को इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाया था। उन्होंने आशुतोष को डिनर पर भी बुलाया था, जहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में शामिल मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और गोपाल राय के साथ बैठक रखी गई थी।

अरविंद केजरीवाल ने आशुतोष को पार्टी में बने रहने के लिए कई लुभावने ऑफर्स दिए थे और 51 दिनों तक मनाया था। (फाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने वाले आशुतोष को पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लुभावने ऑफर्स दिए थे और 51 दिनों तक मान-मनौव्वल की थी। केजरीवाल ने 23 जून से लेकर 15 अगस्त तक कई बार आशुतोष को इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाया था। उन्होंने आशुतोष को डिनर पर भी बुलाया था, जहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में शामिल मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और गोपाल राय के साथ बैठक रखी गई थी। कुछ दिन पहले केजरीवाल, सिसोदिया और आशुतोष ने यहां तक की अपने-अपने परिवारों के साथ एकसाथ फिल्म ‘मुल्क’ देखी थी। नेटवर्क 18 की खबर के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस पर आशुतोष के सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देने के फैसले ने आप नेताओं को आश्चर्य में डाला था। रिपोर्ट के मुताबिक आशुतोष के इस्तीफे की खबर फैलते ही आप के राज्यसभा सांसद और संकट मोचक संजय सिंह ने अपनी लखनऊ की यात्रा को बीच में खत्म कर दिया था और वह दिल्ली की तरफ दौड़े थे, जबकि गोपाल राय, दिलीप पांडे और आदिल अहमद ने नोएडा के सेक्टर 105 स्थित आशुतोष के घर का रुख कर लिया था, जहां उन्हें चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा था।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि आशुतोष अपने घर पर नहीं थे और अपनी किताब के लिए प्रकाशकों के साथ बैठक कर रहे थे। वे लोग रात के साढ़े नौ बजे तभी वहां से गए थे जब आशुतोष ने फोन पर बात कर अगले दिन लंच पर बैठक करने का वादा किया था। अगले दिन संजय सिंह समेत आप नेताओं की आशुतोष के साथ चार घंटे लंबी बात चली थी। आशुतोष को पश्चिमी दिल्ली से लोकसभा के लिए टिकट ऑफर किया गया था, जिसकी छवि पार्टी के भीतर चुनाव जिताऊ सीट की है। इसके अलावा भी आशुतोष को अन्य ऑफर दिए गए थे। उन्हें दिल्ली डायलॉग कमीशन का उपाध्यक्ष बनाने का ऑफर भी दिया गया था लेकिन तमाम ऑफर्स का उन पर कोई असर नहीं हुआ।

सूत्रों के मुताबिक आशुतोष ने इस्तीफा देने का मन उसी वक्त बना लिया था जब पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का टिकट न देकर कांग्रेस से आप में शामिल हुए सुशील गुप्ता को टिकट दे दिया था। नामांकन से 3 महीने पहले सुशील गुप्ता कांग्रेस में थे। गुप्ता को टिकट दिए जाने पर आशुतोष ने न सिर्फ पार्लियामेंट्री अफेयर्स कमेटी (पीएसी) में असंतोष दर्ज कराया था, बल्कि इसे सार्वजनिक भी कर दिया था। इस्तीफे के बाद आशुतोष ने अपने पूर्व सहयोगियों को लेकर कहा था, ”हनीमून खत्म, तलाक हो गया और जब हम मिलेंगे, हम बच्चों की खातिर तलाकशुदा पेरेंट्स की तरह मिलेंगे।”

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