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एनसीआर की कारों को भी नो इंट्री, वीआइपी-महिलाओं-सीएनजी से चलने वाले वाहनों को छूट

दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए एक जनवरी से लागू होने जा रही महत्वाकांक्षी सम-विषम योजना केवल कारों पर ही लागू होगी लेकिन इसमें दिल्ली के कारों को कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी..
Author नई दिल्ली | December 25, 2015 02:31 am
क्या है ऑड-ईवन फॉर्मूला-ऑड तारीख को ऑड नंबर की गाड़ियां सड़कों पर चलेंगी और ईवन तारीख को ईवन नंबर की गाड़ियां सड़कों पर चलेंगी। गाड़ियों के नंबर के आखिर अंक से उनका ऑड-ईवन होना तय होगा।

दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए एक जनवरी से लागू होने जा रही महत्त्वाकांक्षी सम-विषम योजना केवल कारों पर ही लागू होगी लेकिन इसमें दिल्ली के कारों को कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी। यह योजना एनसीआर और अन्य राज्यों के पंजीकरण की नंबर प्लेटों वाली कारों पर भी लागू होगी। दिल्ली सरकार की इस योजना का ब्लू प्रिंट पेश करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास पर प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि सीएनजी प्रमाणपत्र वाले वाहनों, दोपहिया, महिला चालकों वाली कारें और किसी किस्म की विकलांगता वाले लोगों को ले जा रही कारों को इसके दायरे से बाहर रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना को सभी जरूरी मंजूरियां मिल गई हैं और इसके क्रियान्वयन के लिए अधिसूचना अगले सोमवार को जारी की जाएगी। इसका उल्लंंघन करने वाले लोगों को दो हजार रूपए का जुर्माना देना पड़ सकता है। उन्हें भरोसा है कि पुलिस इस अभियान में सरकार का साथ देगी।

प्रेस कांफ्रेंस से पहले दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में इसको अंतिम रूप दिया गया। कांफ्रेस में केजरीवाल सरकार के सभी मंत्री मौजूद थे। केजरीवाल ने कहा कि कारों की संख्या पर नियंत्रण करने वाली यह योजना रविवार के अलावा हर दिन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू होगी। यह योजना एनसीआर और अन्य राज्यों के पंजीकरण की नंबर प्लेटों वाली कारों पर भी लागू होगी। यह योजना अभी केवल 15 जनवरी तक चलेगी। उसके बाद इसका आकलन करके जरूरत हुई तो कुछ महीने बाद दोबारा इसे चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ज्यादातर लोगों का साथ मिला तभी इसे लागू की जाएगी अन्यथा इसे वापस ले लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी अकेली महिला द्वारा या 12 साल की उम्र तक के बच्चों के साथ जा रही महिला द्वारा चलाई जा रही कार को इस योजना से छूट दी जाएगी। वहीं चिकित्सीय आपात स्थितियों के मामलों को ‘विश्वास के आधार’ पर देखा जाएगा।

उन्होंने वीआइपी श्रेणी में आने वाले वाहनों की भी एक लंबी सूची पढ़ी, जिन्हें इस नियम से छूट होगी। इन वाहनों में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के प्रधान न्यायाधीश, केंद्रीय मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, लोक सभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता, लोकायुक्त और ‘दिल्ली के अलावा’ शेष अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के वाहन शामिल हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय की नंबर प्लेटों वाले वाहनों और विशेष सुरक्षा समूह की सुरक्षा प्राप्त लोगों के वाहनों को भी इस नियम से छूट प्राप्त होगी।

सम-विषम के नियम के तहत सम और विषम संख्या वाली कारें एक से 15 जनवरी तक वैकल्पिक दिनों के आधार पर चलेंगी। इसके अलावा आपात स्थिति में काम आने वाले वाहनों और प्रवर्तन से जुड़े वाहनों को भी इस नियम के दायरे से बाहर रखा जाएगा। छूट हासिल करने वाले ये वाहन एंबुलेंस, दमकल विभाग, पुलिसिया वाहन, यातायात विभाग के वाहन होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब ये नियम लागू होंगे, तब अधिकतम यात्री संख्या वाली अवधि के दौरान दिल्ली मेट्रो के अधिक फेरे लगेंगे। पांच हजार नई बसें सड़कों पर लाने के प्रयास किए जाएंगे। दस हजार नए आटो परमिट दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इन प्रस्तावों का समर्थन कर चुके भारत के प्रधान न्यायाधीश से अनुरोध किया कि वे काम पर जाने के दौरान ‘कार पूलिंग’ का इस्तेमाल करने की कोशिश करें ताकि ‘एक मजबूत संदेश दिया जा सके’। वैसे प्रधान न्यायाधीश के वाहन को सम-विषम के दायरे से बाहर रखा गया है। ‘तौर तरीकों में बदलाव’ लाने की जरूरत पर जोर देते हुए केजरीवाल ने कहा कि यदि बड़े स्तर पर उल्लंघन की खबरें आती हैं तो सरकार के पास ‘योजना को बंद’ करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विश्वभर में ऐसी योजनाएं अधिकतम प्रदूषण की अवधि के दौरान ही लागू की जाती हैं। कहीं भी पूरे साल ऐसी योजना लागू नहीं होती।

केजरीवाल ने कहा कि एनसीसी और एनएसएस के लगभग 10 हजार वॉलंटियर योजना के उल्लंघनकर्ताओं को गुलाब भेंट करेंगे ताकि सोच में बदलाव लाया जा सके। दिल्ली के छात्रों को भी 30 दिसंबर को शपथ दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में पिछले ‘कार फ्री डे’ के दौरान जब यातायात पुलिस ने बसों जैसे सार्वजनिक वाहनों को एक निर्धारित स्थान पर दाखिल होने से रोका तो कई समस्याएं पेश आईं।

केजरीवाल ने बताया कि परिवहन मंत्री गोपाल राय यह मुद्दा उठाते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त और केंद्र को पत्र लिख रहे हैं। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। सम-विषम की योजना के ब्लूप्रिंट के तहत, विषम संख्या की नंबर प्लेटों वाले दिनों में सम संख्या की प्लेटों वाले वाहनों को सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर खड़ा किए जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा ही नियम सम संख्या प्लेटों वाले दिनों पर विषम संख्या प्लेट वाले वाहनों पर लागू होगा।

शहर में बसों के लिए बनाई जा रही लेनों पर यदि कोई कार पार्क की गई पाई जाती है तो उस पर जुर्माना लगेगा। केजरीवाल ने कहा कि योजना के तहत, सीएनजी लगी कारों को निर्धारित स्टीकर दिखाने होंगे। सरकार द्वारा जल्दी ही एक ‘कारपूल एप’ जारी किया जाएगा। इस महीने की शुरूआत में केजरीवाल ने घोषणा की थी कि वह खुद, उनके मंत्री और सरकारी अधिकारी सम-विषम योजना का पालन करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिख कर उनसे इस योजना के क्रियान्वयन में सहयोग मांगा था।

सरकार की योजना के अनुसार, वह सम-विषम योजना के लागू होने के बाद, यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए पांच हजार अतिरिक्त बसें चलाएगी। सम-विषम योजना लागू हो जाने पर रोजाना लगभग दस लाख निजी कारें दिल्ली की सड़कों से दूर रहेंगी। इससे यातायात जाम में तो कमी आएगी ही साथ ही इससे शहर के प्रदूषण के उच्च स्तर में भी काफी कमी आ सकती है। दिल्ली में 19 लाख से ज्यादा कारें पंजीकृत हैं और आप सरकार की महत्त्वाकांक्षी सम-विषम योजना के लागू हो जाने के बाद इनमें से लगभग आधे वाहन सड़कों से दूर रहेंगे।

उल्लंघन करने पर दो हजार का जुर्माना: इस योजना को सभी जरूरी मंजूरियां मिल गई हैं और इसके क्रियान्वयन के लिए अधिसूचना अगले सोमवार को जारी की जाएगी। इसका उल्लंघन करने वाले लोगों को दो हजार रूपए का जुर्माना देना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि कि पुलिस इस अभियान में सरकार का साथ देगी।

सुबह आठ से रात आठ बजे तक: यह योजना रविवार के अलावा हर दिन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक लागू होगी। वैसे यह योजना एनसीआर और अन्य राज्यों के पंजीकरण की नंबर प्लेटों वाली कारों पर भी लागू होगी। इससे दिल्ली से बाहर के लोगों को भारी दिक्कत होने का अंदेशा है। हालांकि यह योजना अभी केवल 15 जनवरी तक चलेगी।

दस लाख कारें सड़कों से रहेंगी दूर: सरकार की योजना के अनुसार, वह सम-विषम योजना के लागू होने के बाद, यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए पांच हजार अतिरिक्त बसें चलाएगी। मेट्रो के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे। सम-विषम योजना लागू हो जाने पर रोजाना लगभग दस लाख निजी कारें दिल्ली की सड़कों से दूर रहेंगी।

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