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बटला हाउस मुठभेड़ के बाद फरार आतंकी गिरफ्तार

स्पेशल सेल के उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बुधवार को बताया कि अरिज खान 19 सितंबर 2008 को दिल्ली के जामियानगर स्थित बटला हाउस में हुई मुठभेड़ में चार अन्य लोगों के साथ मौजूद था। मुठभेड़ के दौरान वह वहां से भाग निकला था।

जुनैद से स्पेशल सेल के आला अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने बटला हाउस मुठभेड़ के आरोपी इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकी आरिज खान उर्फ जुनेद उर्फ सलीम को गिरफ्तार कर लिया है। जुनेद 2008 की बटला हाउस मुठभेड़ के बाद से ही फरार था। 2008 में ही दिल्ली में हुए धमाकों का भी वह मास्टरमाइंड था। उस पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी हुए कई विस्फोटों में शामिल रहा है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस घोषित कर रखा था। एनआइए का भी वह वांछित आतंकवादी है।

स्पेशल सेल के उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बुधवार को बताया कि अरिज खान 19 सितंबर 2008 को दिल्ली के जामियानगर स्थित बटला हाउस में हुई मुठभेड़ में चार अन्य लोगों के साथ मौजूद था। मुठभेड़ के दौरान वह वहां से भाग निकला था। हालांकि इस घटना में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे और कई को गिरफ्तार किया गया था। इस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस ने एक जांबाज इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। आरिज बम बनाने का मास्टर है। वह आतंकी संगठन में दूसरे सदस्यों को जोड़ने का भी काम करता है। बटला हाउस मामले में निचली अदालत ने साल 2013 में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी शहजाद अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उसकी याचिका उच्च अदालत में लंबित है।

कुशवाहा ने बताया कि सेल को कुछ दिनों से यह सूचना मिल रही थी कि इंडियन मुजाहिदीन के कुछ आतंकी, जो पहले भी विस्फोट कर चुके हैं, नेपाल में रहकर भारत में अपनी गतिविधियां चलाने की फिराक में है। सूचना यह भी थी कि भारत के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए इस प्रकार के आतंकवादी कई प्रकार के प्रलोभन देने से भी बाज नहीं आ रहे। सेल की टीम मुस्तैद थी। इसी साल जनवरी 2018 में सिमी के एक सरगना अब्दुल सुभान उर्फ तौकीर को गिरफ्तार कर लिया गया। तौकीर ने कई अहम जानकारी दी थी। उसने आरिज खान के बारे में भी कई प्रकार की जानकारी दी थी। उसने बताया कि कुछ ही दिन पहले सेल को सूचना मिली कि आरिज खान भारत नेपाल सीमा के रास्ते बनबासा से उत्तरप्रदेश आने वाला है। सूचना मिलते ही सेल की टीम सक्रिय हुई और मंगलवार शाम 5.20 बजे बनबासा के शारदा इंटर कालेज के पास से उसे दबोच लिया गया।

पूछताछ में पता चला है कि बटला हाउस मुठभेड़, जिसे आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन बटला हाउस के रूप में जाना जाता है, में उसकी सक्रिय भूमिका थी। सितंबर 2008 को दिल्ली के जामियानगर इलाके में इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ की गई मुठभेड़ में दो संदिग्ध आतंकवादी आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए थे। दो अन्य संदिग्ध सैफ मोहम्मद और आरिज खान भागने में कामयाब हो गए थे जबकि एक और आरोपी जीशान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मुठभेड़ का नेतृत्व कर रहे दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के मुठभेड़ विशेषज्ञ और दिल्ली पुलिस के इंसपेक्टर मोहन चंद शर्मा इस घटना में मारे गए थे।

मुठभेड़ के दौरान स्थानीय लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिसके खिलाफ अनेक राजनीतिक दलों, कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन किया था। इनमें शहजाद अहमद को घटना के तकरीबन डेढ़ साल बाद आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। शहजाद पर हत्या का प्रयास, मारपीट समेत आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा चला। चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि मुठभेड़ के दौरान शहजाद ने अपने रिवॉल्वर से दो गोलियां चलाई थीं और उसके घर से दो मोबाइल, एक पासपोर्ट और एक लैपटॉप बरामद किया गया।

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