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बाढ़ राहत के नाम पर 20 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा करने के आरोपी अंचलाधिकारी तरुण केसरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया

भागलपुर जिले के रंगड़ा प्रखंड में बाढ़ राहत के नाम पर फर्जी तरीक़े से लाखों रुपए का गबन करने के आरोप में तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) तरुण केसरी को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

भागलपुर जिले के रंगड़ा प्रखंड में बाढ़ राहत के नाम पर फर्जी तरीक़े से लाखों रुपए का गबन करने के आरोप में तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) तरुण केसरी को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नवगछिया की पुलिस अधीक्षक निधि रानी के मुताबिक रंगड़ा प्रखंड में बीते साल बाढ़ राहत के लिए आपूर्ति किये गए सामग्रियों के बिलों में हेराफेरी कर भुगतान के नाम पर 20 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किया। तरुण केसरी बहरहाल भागलपुर के सबौर ब्लाक के अंचलाधिकारी है।

एसपी ने बताया कि अपने मातहत कर्मचारियों और आपूर्ति एजेंसी से मिलीभगत कर एक लाख इक्यासी हजार रुपए के बदले इक्कीस लाख इक्यासी हजार रुपए का चेक दे दिया था। इस बात की शिकायत के बाद जांच पड़ताल ज़िला प्रशासन के आलाधिकारियों ने कराई और फर्जीवाड़े के पकडे जाने पर जिला प्रशासन के आदेश पर तत्कालीन अंचलाधिकारी तरुण केसरी, नाजिर, संबंधित एजेंसी बगैरह के खिलाफ रंगड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

एसपी निधि रानी ने बताया कि इस मामले में नामजद आरोपी नाजिर और संबंधित एजेंसी के एक व्यक्ति को पुलिस ने उसी समय गिरफ्तार कर लिया था लेकिन अंचलाधिकारी फरार हो गए थे।इधर उनकी इसी जिले के सबौर में तैनाती की सूचना मिलने पर पुलिस ने गुरुवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।इसके बाद नवगछिया लाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले की तहकीकात जारी है।

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