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कांग्रेस के हालात से नाखुश करीब सौ नेताओं ने लिखी सोनिया गांधी को चिट्ठी- पूर्व प्रवक्‍ता का दावा

पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में संस्पेंड चल रहे संजय झा पूर्व में कांग्रेस पर निशाना साधते रहे हैं।

Sacked spokesperson sanjay jhaकांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी। (पीटीआई)

कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता संजय झा ने दावा किया है कि करीब 100 कांग्रेसी नेता पार्टी के आंतरिक हालात से नाखुश हैं और उन्होंने इस बाबत कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को एक पत्र भी लिखा है। कांग्रेस से सस्‍पेंड चल रहे संजय झा ने सोमवार (17 अगस्त, 2020) को एक ट्वीट कर ऐसा दावा किया है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि अनुमान है कि सांसदों सहित करीब 100 कांग्रेसी नेता पार्टी की आंतरिक स्थिति से नाखुश हैं। इस बाबत उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र भी लिखा है। इसमें राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव और सीडब्ल्यूसी में पारदर्शी चुनाव की मांग की गई है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में संस्पेंड चल रहे संजय झा पूर्व में कांग्रेस पर निशाना साधते रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस ने अपना रास्ता ना बदला तो पार्टी तबाह हो जाएगी। एक लेख में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में विपरीत विचारों के लिए असहिष्णुता है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस भाजपा पर तो ‘अवैध लोकतंत्र’ का लांछन लगाती है मगर खुद अपने भीतर राजशाही संस्कृति को बढ़ावा देती है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के पतन के पांच कारण भी बताए।

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इस दौरान संजय झा ने कहा कि कांग्रेस के वोट प्रतिशत परंपरागत रूप से 45 फीसदी रहा है और साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पार्टी को सबसे अधिक 48.1 फीसदी वोट मिले। इसके बाद लगातार पार्टी का वोट शेयर गिरता रहा। जो 1998 में 25.8, 2009 में 28.5 और 2014 में 19.52 फीसदी रहा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में बड़े राज्यों से लगभग गायब हो चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, बिहार, गुजरात, ओडिशा जैसे राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में लंबे समय से कांग्रेस सरकार नहीं बनी। उनके मुताबिक इतने सालों में कांग्रेस अपने मतदाताओं की संख्या में भी इजाफा नहीं कर पाई। पार्टी को युवा वोटर्स नहीं मिल रहे।

अपने लेख में उन्होंने पार्टी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले बीस साल में कांग्रेस ने सिर्फ दो अध्यक्ष दिए। 1997 के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी के चुनाव ही नहीं हुए। 2019 के बाद से पार्टी के स्थाई अध्यक्ष तक नहीं है।

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