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अर्नब की गिरफ्तारी प्रेस की आजादी का मसला नहीं, क्यों परेशान है बीजेपी: शिवसेना

गोस्वामी को 'भाजपा का तोता' करार देते हुए शिवसेना ने कहा, 'इसमें कोई प्रतिशोध की राजनीति नहीं है। भाजपा अर्नब गोस्वामी को ऐसे बचाने का प्रयास कर रही है जैसे उनकी पार्टी के कार्यकर्ता को पुलिस ले गई है। उसे क्यों परेशानी हो रही है।'

Author नई दिल्ली | November 4, 2020 8:09 PM
Republic TV Editor, arnab goswamiरिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी। (पीटीआई)

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को कथित रूप से एक इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किए जाने के संदर्भ में सत्तारूढ़ शिवसेना ने बुधवार को विपक्षी भाजपा के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें ‘प्रतिशोध की राजनीति’ और ‘प्रेस की स्वतंत्रता को कुचलने’ का आरोप लगाया गया था। भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवसेना के मंत्री अनिल परब ने आरोप लगाया कि गोस्वामी ने एक ‘मराठी’ कारोबारी के साथ धोखाधड़ी की थी, जिसकी चलते दो साल पहले वह आत्महत्या करने को मजबूर हुआ।

भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब ने कहा कि इंटीरियर डिजाइनर के लिखे सुसाइड नोट में गोस्वामी के नाम का उल्लेख है। गोस्वामी को ‘भाजपा का तोता’ करार देते हुए परब ने कहा, ‘इसमें कोई प्रतिशोध की राजनीति नहीं है। भाजपा अर्नब गोस्वामी को ऐसे बचाने का प्रयास कर रही है जैसे उनकी पार्टी के कार्यकर्ता को पुलिस ले गई है। उसे क्यों परेशानी हो रही है।’ उन्होंने पूछा, ‘एक मराठी महिला विधवा हो गई…. और मामले की जांच की जा रही है। इसमें क्या गलत है? भाजपा उन्हें (अर्नब) बचाने का प्रयास क्यों कर रही है? इसे महाराष्ट्र में आपातकाल जैसे हालात कैसे कहा जा सकता है जबकि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?’ परब ने कहा कि भाजपा उन दो लोगों की गिरफ्तारी पर क्यों चुप थी, जिनका नाम नाइक के सुसाइड नोट में था और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र विकास आघाडी (एमवीए) सरकार ने पिछले साल सत्ता में आने के बाद से कभी किसी के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं की। राउत ने यह दावा भी किया कि राज्य सरकार या किसी राजनीतिक दल का गोस्वामी की गिरफ्तारी से कोई लेना-देना नहीं है। गोस्वामी को 2018 में 53 वर्ष के एक इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बुधवार को रायगढ़ पुलिस ने मुंबई में उनके घर से गिरफ्तार किया।

राउत से जब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘महाराष्ट्र में कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। पुलिस के पास यदि सबूत हैं तो वह किसी के भी खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। राज्य सरकार ने बदले की भावना से कार्रवाई नहीं की है।’ उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र में अराजकता नहीं है और कानून का पालन किया जाता है।’ शिवसेना नेता ने कहा कि मुंबई पुलिस एक पेशेवर बल है।

उन्होंने कहा, ‘यह मीडिया के लिए काला दिन नहीं है। पत्रकारों को भी नैतिकताओं का पालन करना चाहिए। मीडिया कोई जांच एजेंसी या अदालत नहीं है। ऐसा सर्वोच्च अदालत का कहना है। हम सभी पत्रकार हैं। जो भी गलत करेगा, पुलिस सजा देगी।’ शिवसेना के राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘राज्य सरकार या किसी राजनीतिक दल का गिरफ्तारी से कोई लेना-देना नहीं है।’

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