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वादा निभाने के लिए आतंकी को जिंदा पकड़ा सेना ने

अवंतिपोरा के ख्रीव बाथिन इलाके में हुए मुठभेड़ के बारे में कमांडर रहे सेना के कर्नल समर राघव ने सोमवार को अपने अनुभव साझा किए। कर्नल राघव के मुताबिक, सोहेल लोन की मां और उसकी बहन ने चार महीने पहले आतंकवाद का दामन थामने वाले इस आतंकी से कई दफा मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी। दोनों ने कई बार सेना के अफसरों से मुलाकात कर उसे लौटा लाने का निवेदन किया। सेना से वादा लिया था कि वे उसे जिंदा पकड़ेंगे, मारेंगे नहीं।

Author November 27, 2018 7:12 AM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

चार महीने पहले आतंकवादी बने सोहेल लोन की बिलखती मां से भारतीय सेना ने वादा किया था कि उसे जिंदा पकड़ा जाएगा, मारा नहीं जाएगा। सेना ने अपनी बात रखी। जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुए लोन को अवंतीपोरा में जिंदा पकड़ा गया। लगातार गोलियां बरसा रहे लोन को जिंदा पकड़ने के लिए सैनिकों ने अपनी जान की बाजी लगाई। जबकि, रविवार की शाम को चले अभियान में लोन के साथी रहे एक पाकिस्तानी आतंकी वसीम को देखते ही सैनिकों ने गोली मार दी थी। अवंतिपोरा के ख्रीव बाथिन इलाके में हुए मुठभेड़ के बारे में कमांडर रहे सेना के कर्नल समर राघव ने सोमवार को अपने अनुभव साझा किए। कर्नल राघव के मुताबिक, सोहेल लोन की मां और उसकी बहन ने चार महीने पहले आतंकवाद का दामन थामने वाले इस आतंकी से कई दफा मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी। दोनों ने कई बार सेना के अफसरों से मुलाकात कर उसे लौटा लाने का निवेदन किया। सेना से वादा लिया था कि वे उसे जिंदा पकड़ेंगे, मारेंगे नहीं।

कर्नल राघव के मुताबिक, कश्मीरी महिला मयमूना मुश्ताक और उनकी बेटी ने सेना की सलाह पर दोनों ने बार-बार सोहेल से आतंक का रास्ता छोड़ घर लौटने की अपील की थी। सोशल मीडिया पर बेटे के आतंकवाद का रास्ता पकड़ने की खबरें और तस्वीरें देखने के बाद घर वालों के होश उड़ गए थे। मुख्यधारा में लौटने की घरवालों ने अपील करते हुए सोशल मीडिया पर अपने वीडियो जारी किए। लेकिन इसका जब असर होता नहीं दिखा, तब उन लोगों ने सेना के अफसरों से उसे जिंदा पकड़ने की अपील की। शुरुआती पूछताछ के बाद सेना ने सोहेल लोन को कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया है। कर्नल समर राघव के मुताबिक, मुठभेड़ स्थल से दो एके-47 राइफलें, तीन मैगजीन, दो ग्रेनेड्स और एक पिस्तौल बरामद किए गए।

‘मारे जा चुके हैं प्रमुख आतंकी कमांडर’
बीते हफ्ते कश्मीर में सुरक्षा बलों को खासी सफलता मिली है। घाटी में 15 नवंबर के बाद से लगभग 19 आतंकवादी मारे जा चुके हैं। सेना की एक राष्ट्रीय राइफल्स के सेक्टर कमांडर सचिन मलिक के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर में अब 180 आतंकी बचे रह गए हैं। लश्कर व हिजबुल के लगभग सभी प्रमुख कमांंडर दक्षिण कश्मीर में मारे जा चुके हैं। अब आतंकी संगठनों में पहले की तरह स्थानीय लड़के भर्ती बाकी पेज 8 पर नहीं हो रहे हैं। शोपियां में मारे गए आतंकियों के बारे में जिक्र करते हुए सेक्टर कमांडर ने कहा कि सभी खतरनाक आतंकी थे। दोनों मौकों पर सेना को अहम सफलता मिली। सेना के मुताबिक, ये आतंकी कई नागरिकों की हत्या में शामिल थे।

इन आतंकियों में वे भी शामिल थे, जिनपर लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्या का आरोप था। उनके अनुसार, अधिकांंश आतंकी कमांडर अब मारे जा चुके हैं। जो बचे हैं, वह पूरी तरह हताश हैं। दक्षिण कश्मीर में 180 सूचीबद्ध आतंकी बचे रह गए हैं। इनमें करीब 15 फीसद विदेशी हैं। उन्होंने बताया कि बीते कुछ महीनों के दौरान आतंकी संगठनों में स्थानीय युवकों की भर्ती में कमी आई है।

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