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आर्मी चीफ का बयान, कहा- से आतंकवाद रोधी अभियानों पर असर नहीं

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में लागू राज्यपाल शासन से आतंकवाद रोधी अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

Author June 20, 2018 4:56 PM
आर्मी चीफ बिपिन रावत

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में लागू राज्यपाल शासन से आतंकवाद रोधी अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसमें कोई राजनीतिक दखलंदाजी नहीं होगी। रावत ने यहां एक कार्यक्रम से इतर कहा, “हमने सिर्फ रमजान में अपना अभियान रोका था। हमारा अभियान पहले की तरह जारी रहेगा। हमें किसी राजनीतिक दखलंदाजी का सामना नहीं करना पड़ता है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन सरकार से भाजपा द्वारा मंगलवार को समर्थन वापस लेने के बाद राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया है।

रमजान के महीने में 16 मई को घोषित एकतरफा संघर्षविराम को केंद्र ने आगे नहीं ले जाने का फैसला किया है। सरकार ने यह फैसला घाटी में आतंकवादी गतिविधियों के जारी रहने के बाद लिया है। सरकार द्वारा संघर्षविराम को रोकने का फैसला लेने के दो दिन बाद ही भाजपा ने गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया।
पार्टी ने कहा था कि कश्मीर घाटी में बढ़ती आतंकवादी घटनाएं और कट्टरवाद भी उसके समर्थन वापसी के कारणों में से हैं।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की मंजूरी के बाद जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को राज्यपाल शासन लागू हो गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से गठबंधन तोड़ने के फैसले के बाद व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफे के बाद राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने मंगलवार को कोविंद की मंजूरी मांगी।
वोहरा जम्मू एवं कश्मीर के संविधान के प्रावधानों के तहत राज्यपाल शासन को लागू करने की सिफारिश की, जो राज्य में छह महीने तक राज्यपाल शासन रहने की मंजूरी देता है।

अगर एक निर्वाचित सरकार छह महीने की अवधि के भीतर सत्तारूढ़ रहने में विफल रहती है, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। जम्मू-कश्मीर का अपना संविधान है जो भारतीय संविधान के साथ मिलकर चलता है। यह चौथी बार है कि वोहरा राज्य प्रशासन के मामलों को सीधे देखेंगे। वोहरा का कार्यकाल 25 जून को खत्म हो रहा था, लेकिन कोविंद ने वोहरा के कार्यकाल की अवधि तीन महीने तक बढ़ा दी। सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि वोहरा ने एक और अवधि के लिए उनके कार्यकाल का विस्तार नहीं किए जाने की इच्छा जाहिर की है। वह 25 जून को कार्यकाल के 10 साल पूरा कर लेंगे।

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