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गिरिराज सिंह ने दी धमकी, आर्क बिशप ने फिर कही दुआ-उपवास की बात

दिल्ली के आर्क बिशप अनिल काउटो की चिट्ठी को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने एक बार फिर से प्रार्थना और उपवास की बात कही है। साथ ही कहा कि वह दलगत राजनीति में नहीं पड़ना चाहते।

Author नई दिल्ली | Published on: May 22, 2018 4:02 PM
सेंट्रल दिल्ली में स्थित सैक्रेड हार्ट कैथेड्रल चर्च। (फोटो सोर्स: रेणुका पुरी, इंडियन एक्सप्रेस)

दिल्ली के आर्क बिशप अनिल काउटो की चिट्ठी को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आर्क बिशप के इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए धमकी तक दे डाली। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्क बिशप के पत्र को अभी तक नहीं देखा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि धर्म के आधार पर भेदभाव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पत्र पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के बावजूद आर्क बिशप ने फिर से बयान दिया है। उन्होंने दोबारा दुआ और उपवास की बात की है। अनिल काउटो ने कहा, ‘मैं और क्या बात करूंगा? चुनाव और सरकार हमारे लिए चिंता का सबब हैं। हमें एक ऐसी सरकार चाहिए जो ईसाई समुदाय के लोगों की स्वतंत्रता, अधिकार और कल्याण पर ध्यान दे। मैं दलगत राजनीति में नहीं पड़ना चाहता। हमलोग तो बस इस लिए प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारा देश उचित दिशा में आगे बढ़े।’ आर्क बिशप यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, ‘सभी चर्चों और संस्थानों में हमलोगों ने प्रार्थनाएं कीं और उपवास रखा। हमलोगों ने खुद के लिए नए प्रारंभ को लेकर प्रार्थना की। इससे देश का भी नवीनीकरण होगा। देश में जो सब हो रहा है उसको ध्यान में रखते हुए हमने कहा था कि हमें अगले चुनाव और नई सरकार की ओर देखना चाहिए। प्रत्येक सरकार को जनता और देश के संविधान की रक्षा करनी चाहिए।’

कैथोलिक समुदाय के दिल्ली के आर्क बिशप अनिल काउटो ने 13 मई को देश के सभी पादरियों के नाम एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि देश में अगले साल चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में वर्ष 2019 में नई सरकार के लिए प्रार्थना करें और शुक्रवार को उपवास भी रखें। इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह आर्क ने बिशप के बयान पर कहा कि वह ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएंगे, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द भंग हो। लेकिन, यदि आर्क बिशप प्रार्थना करेंगे तो बाकी धर्म के लोग उसके विरोध में कीर्तन करेंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा था कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया भी होती है। दिल्ली के आर्क बिशप ने अपने पत्र में लिखा था कि देश के लोकतांत्रिक सिद्धांतों और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरा पैदा हो गया है। साथ ही उन्होंने कहा था कि देश और राजनेताओं के लिए प्रार्थना करना उनके लिए परंपरा रही है और आम चुनावों के करीब आने के कारण यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

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