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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल से मंच पर भिड़ गए अपना दल के MLA, लगे माइक पर जोर-जोर से चिल्लाने

UP News: अपना दल के विधायक विनय वर्मा ने कहा कि सत्ताधारी भाजपा के सहयोगी दल का विधायक होने के बाद भी मेरी बात नहीं सुनी जाती।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल से मंच पर भिड़ गए अपना दल के MLA, लगे माइक पर जोर-जोर से चिल्लाने
मंच पर अपना दल के विधायक विनय वर्मा और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल के बीच होती बहस। (फोटो सोर्स: वीडियोग्रैब/ सोशल मीडिया)

UP News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सभागार में शुक्रवार को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के दौरान शोहरतगढ़ से अपना दल के विधायक विनय वर्मा और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान दोनों को बीच बहस देखने को मिली। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

दरअसल, अपना दल के विधायक विनय वर्मा अचानक डीएम संजीव रंजन पर भड़क उठे। खुले मंच से ही बीजेपी सांसद की मौजूदगी में उन्होंने डीएम पर पक्षपात और उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिकायत करने के बाद भी डीएम उनकी बात को गंभीरता से नहीं लेते। मामला बढ़ता देख बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल आगे आए। इस दौरान अपना दल के विधायक और बीजेपी सांसद में जमकर बहस होती देखी गई।

कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। जिलाधिकारी संजीव रंजन के बोलने के बाद विधायक विनय वर्मा ने संबोधन शुरू किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों पर विधायक का प्रोटोकॉल नहीं मानने का आरोप लगाया।

विनय वर्मा ने कहा, ‘सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल का विधायक होने के बावजूद कई बार शिकायत के बाद भी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। जिन अधिकारियों की जांच होनी चाहिए, उन्हें ट्रांसफर कर दिया जा रहा है। इस बीच सांसद जगदंबिका पाल माहौल को भांपते हुए संभालने की कोशिश करते नजर आए। इस बीच मंच पर बैठने के बाद भी विधायक अपनी बात दोहराते रहे, जबकि बगल में बैठे डीएम संजीव रंजन ने कोई टिप्पणी नहीं की।

विधायक विनय वर्मा ने कहा कि उनके क्षेत्र में काम करने वाला अधिकारी चाहिए। स्थानीय स्तर की समस्याओं का निदान नहीं होने पर उन्होंने मुख्य सचिव से बात की तो उन्होंने जिलाधिकारी को बैठकर बात करने के निर्देश दिए, लेकिन डीएम की तरफ से कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि फोन पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती।

जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि उनके पास विधायक की तरफ से जो भी मामले आते हैं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। डीएम ने अनदेखी करने के आरोपों को निराधार बताया।

वहीं इस पूरे मामले पर यूपी कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘सिद्धार्थनगर में भाजपा सांसद जगदंबिका पाल, गठबंधन के विधायक विनय वर्मा और जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर की बीच खुले मंच पर भ्रष्टाचार को लेकर झगड़ा हुआ। इस भयानक घटना के बाद भाजपाइयों के भ्रष्टाचार से त्रस्त ग्राम प्रधानों ने दुखी मन से सामूहिक इस्तीफ़ा दे दिया’।

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First published on: 01-10-2022 at 11:22:00 pm
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