ताज़ा खबर
 

अलवर में फिर हुई पुलिस और गो-तस्करों में भिडंत

राजस्थान के अलवर जिले में गो-तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ का सिलसिला थम नहीं रहा है।

Author अलवर | Published on: December 12, 2017 2:08 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान के अलवर जिले में गो-तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ का सिलसिला थम नहीं रहा है। अलवर में पिछले हफ्ते ही गो-तस्करों और पुलिस की मुठभेड़ में एक तस्कर की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सोमवार तड़के इसी तरह की वारदात फिर हो गई। तस्करी कर गो-वंश ले जा रहे लोगों को पुलिस ने घेरा तो दोनों ओर से फायरिंग भी हुई। पुलिस ने एक गो-तस्कर को पकड़ लिया और उसके साथी फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि अलवर जिले के चौपन इलाके में कुछ गो-तस्करों के गौवंश ले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस की क्यूआरटी टीम व भिवाड़ी थाना पुलिस ने एक ट्रक को शक के आधार पर घेर लिया। पुलिस से घिरने के बाद गोवंश ले जा रहे लोगों ने फायरिंग कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। पुलिस ने एक गो-तस्कर को धरदबोचा पर उसके साथी अंधेरे का फायदा उठा कर फरार हो गए। पुलिस ने ट्रक से तरह गोवंश को छुडाया, इसमें छह बछडेÞ भी शामिल हैं। पकडे़ गए गो-तस्कर से पुलिस पूछताछ में जुटी है। मामले की तहकीकात चौपन थाना पुलिस कर रही है।

अलवर जिले में गश्त कर रही पुलिस की क्यूआर टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक में गोवंश को झुंझनूं से खरीदकर हरियाणा ले जाया जा रहा है। इसके बाद ही सोमवार तड़के पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ट्रक को घेर लिया था। पुलिस ने ट्रक चालक को रोकने की कोशिश की तो उसने वाहन को दौड़ा दिया। इसके बाद ही दोनों तरफ से फायरिंग हुई। पुलिस ने बताया कि पहले गो-तस्करों ने फायरिंग की थी। पुलिस ने वाहन पर फायरिंग कर उसे रोक लिया। इसके बाद ही ट्रक से चार लोग उतर कर भाग गए। इनमें से एक खड्डे में गिरने के कारण पुलिस के चंगुल में आ गया।

पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया युवक हरियाणा के मेवात क्षेत्र के पल्ला गावं का रहने वाला है। उसने पूछताछ में बताया कि गोवंश झुंझनूं से खरीद कर हरियाणा में ले जाया जा रहा था। राज्य में अलवर और भरतपुर जिले गो-तस्करी के तौर पर खासी बदनामी झेल रहे हैं। अलवर जिले में गो-तस्करी के शक में तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। सबसे पहले पहलू खान की अलवर के बहरोड इलाके में हत्या हो गई थी। इसके बाद भी दो लोगों की मौत हुई। अलवर और भरतपुर जिलों में करीब आठ बार पुलिस और गो-तस्करों के बीच फायरिंग की वारदातें भी हुई हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 मोदी के चुनावी भाषणों से लापता है विकास एजंडा : शिवसेना
2 गीता ने कहा, मुसलिम परिवार की बेटी नहीं हूं
3 सरकारी समयसीमा से बढ़ी अफसरों और बिल्डरों की बेचैनी