‘मां’ ही निकली अजन्मी बच्चियों की कातिल, यूं बिछा जाल और रंगे हाथ पकड़ी गई 

राजस्थान में डिलीवरी को लेकर कई बार सम्मानित हो चुकीं एएनएम सुजाता शर्मा को पैसे लेकर भ्रूण लिंग जांच के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

लोग जिसे ‘मां’ कहते थे, ‘मां’ के समान मानते थे, उसे मानवता को शर्मसार करने के मामले में गिरफ्तार करने का मामला सामने आया है। घटना राजस्थान के हनुमानगढ़ की है। यहां भ्रूण हत्या के आरोप में उस एएनएम को गिरफ्तार किया गया है, जो कई बार सम्मानित हो चुकी है। कई गर्भवती महिलाओं को सफलतापूर्वक उनके पेट में पल रहे बच्चे को गोद में सौंपा। लेकिन किसी ने नहीं सोंचा होगा कि वे अजन्मी बच्चियों की कातिल निकलेंगी। सूचना मिलने के बाद पूरी प्लानिंग के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान के हनुमानगढ़ के धन्नासर सबसेंटर में अकेले ही रिकॉर्ड संख्या में डिलीवरी को लेकर कई बार सम्मानित हो चुकीं एएनएम सुजाता शर्मा को पैसे लेकर भ्रूण लिंग जांच के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य पीसीएनडीटी ने यह गिरफ्तारी मंगलवार को की। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं। गौरतलब है कि सुजाता के गांव के बच्चे मां और बुआ के नाम से बुलाते हैं।

घटना की जानकारी देते हुए पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि उन्हें धन्नासर की एएनएम सुजाता द्वारा गभर्वती महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण कराने की गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद उन्होंने खुद इसका उद्भेन करने के लिए एक योजना बनाई। उन्होंने एक डिकॉय दल तैयार किया। डिकॉय गभर्वती महिला ने भ्रूण लिंग जांच के लिए सुजाता से संपर्क किया। सुजाता ने महिला को अपने घर बुलाया, जहां से उसे अपनी बोलेरो गाड़ी में लेकर वह बॉम्बे अस्पताल पहुंची। अस्पताल में सोनोग्राफी के बाद सुजाता ने महिला को भ्रूण का लिंग बता दिया। जिसके बाद एएनएम को उनके ड्राइवर भंवरदास के साथ मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। सुजाता से डिकॉय की राशि भी बरामद कर ली गई।

बता दें कि राजस्थान में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सरकार ने पीसीपीएनडीटी मॉडल को लागू किया है। इस योजना के तहत भ्रूण परीक्षण की सही सूचना देने वाले को दो लाख रुपये तक की इनाम राशि दी जाती है। यहां लिंग परीक्षण करने वालों के खिलाफ कड़े नियम बनाए गए हैं।

पढें राज्य समाचार (Rajya News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।