अंकित भंडारी हत्याकांड का मामला फिर से सुर्खियों में है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में परिवार से मुलाकात की थी और न्याय का पूरा भरोसा दिलाया था। इस बीच रविवार को देहरादून में एक महापंचायत बुलाई गई, जिसमें अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग की गई। 2022 में एक पूर्व बीजेपी नेता के बेटे और उसके दो साथियों ने अंकिता की हत्या कर दी थी। इस मामले में तीनों को दोषी ठहराया जा चुका है। इस घटना के बाद उत्तराखंड में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए और ‘VIP’ लोगों के शामिल होने के आरोप लगे।
महापंचायत में पास किया गया प्रस्ताव
महापंचायत में एक प्रस्ताव पास किया गया जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके पद से हटाने और उन्हें CBI जांच के दायरे में लाने की मांग की गई, जिसकी सिफारिश उन्होंने पिछले महीने की थी। अंकिता भंडारी के पिता ने कहा कि जांच में ‘VIP एंगल’ पर ध्यान देना चाहिए और चिंता जताई कि अधिकारियों के बयानों में इसका ज़िक्र नहीं किया गया।
CBI जांच पर विवाद
महापंचायत में पास किए गए एक और प्रस्ताव में मांग की गई कि CBI जांच पर्यावरणविद् और पद्म पुरस्कार विजेता डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की शिकायत पर दर्ज FIR के आधार पर नहीं होनी चाहिए। अनिल जोशी ने देहरादून में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें इस मामले में कथित तौर पर शामिल ‘VIP’ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि विपक्ष ने शिकायतकर्ता के मकसद पर सवाल उठाया है, जो उसी दिन दर्ज की गई थी जिस दिन CBI जांच की सिफारिश की गई थी। इसमें पूछा कि जब अपराध ऋषिकेश में हुआ था और ट्रायल कोटद्वार की अदालत में हुआ था, तो FIR देहरादून में क्यों दर्ज की गई?
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अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी, रविवार की महापंचायत में शामिल हुए और मांग की कि जांच पहले से की गई जांच से आगे बढ़ाई जाए। वीरेंद्र भंडारी ने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन दिया था जिसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की देखरेख में जांच की मांग की थी। डॉ. अनिल जोशी की शिकायत पर एक FIR दर्ज की गई है, जिनसे मेरा कोई संबंध नहीं है।”
मैं कैसे झुक सकता हूं?- अंकिता के पिता
पिता ने ‘VIP’ को ढूंढने की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूछा, “जब मेरी बेटी नहीं झुकी, तो मैं कैसे झुक सकता हूं?” अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच द्वारा बुलाई गई महापंचायत में लगभग 40 संगठनों और 500 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इंडिया गठबंधन में शामिल राजनीतिक पार्टियों ने इस सभा को समर्थन दिया।
इस महापंचायत में पांच प्रस्ताव पास किए गए। इनमें अनिल जोशी की FIR रद्द करने और जांच पूरी होने तक मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को पद से हटाने की मांग शामिल थी। महापंचायत के ज़रिए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी भेजा गया। कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सरकार के समर्थन वाले व्यक्ति की FIR के आधार पर होने वाली जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि CBI जांच में भी VIPs को बचाया जाएगा। CPI (ML) नेता इंद्रेश मैखुरी ने अंकिता की हत्या को ‘इंटरनेशनल लेवल की एपस्टीन फाइल का उत्तराखंड वर्जन’ बताया। पढ़ें अंकिता भंडारी मामले को लेकर बीजेपी नेतृत्व अलर्ट
