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उत्‍तराखंड: अंकिता भंडारी के घर पहुंच राकेश टिकैत ने बीजेपी पर बोला हमला- कागजी है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा

Ankita Bhandari Murder Case: राकेश टिकैत ने कहा कि सबूतों को नष्ट करने के लिए रिसॉर्ट को गिराया गया।

उत्‍तराखंड: अंकिता भंडारी के घर पहुंच राकेश टिकैत ने बीजेपी पर बोला हमला- कागजी है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा
किसान नेता राकेश टिकैत। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

Ankita Bhandari Murder Case: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत बुधवार (5 अक्टूबर, 2022) को उत्तराखंड़ के पौड़ी गढ़वाल पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात की और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान टिकैत ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा का बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा कागजी है।

किसान नेता राकेश टिकैत ने अंकिता भंडारी मर्डर को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाए और कहा कि मामला गंभीर होने की वजह से सबूतों को मिटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार ने हत्या के सबूतों को नष्ट करने के लिए रिसॉर्ट को तोड़ा। किसान मंच 10 अक्टूबर को जिलाधिकारी पौड़ी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेगा और रिसॉर्ट में सबूत नष्ट करने की कोशिश करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।

टिकैत ने आरोप लगाया कि सरकार पहले दिन से ही इस मामले को कमजोर करने की साजिश कर रही है। इसके चलते रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाया गया। राकेश टिकैत ने संदेह व्यक्त किया कि अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट गलत हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘अगर सरकार की मंशा सही पोस्टमार्टम करने की थी तो पैनल में एक महिला डॉक्टर के साथ एक निजी डॉक्टर को भी शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिले इसके लिये मामले की सुनवाई जल्द फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिवंगत युवती और उसके परिवार को न्याय मिल सके इसके लिए भारतीय किसान यूनियन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।

टिकैत ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या उन महिलाओं पर हमला है, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर से बाहर आती हैं। अंकिता भी अपने परिवार के लिए नौकरी करने के लिए घर से बाहर गई थी, लेकिन हत्यारों ने अंकिता के परिवार की खुशियां छीन लीं। किसान नेता ने कहा कि दिवंगत युवती के पिता एक किसान हैं। उन्होंने बेटी को इसलिए पढ़ाया-लिखाया ताकि वो अपने पैरों पर खड़ी हो सके, लेकिन हैवानों ने उसकी जान ले ली।

राकेश टिकैत ने कहा कि पहाड़ का युवा और युवती इसलिए बाहर निकल रहे हैं, क्योंकि पहाड़ों में रोजगार और संसाधन का अभाव है और यह एक गंभीर मामला है। सरकार को ऐसे में इस मसले पर विचार करना चाहिए। बता दें कि अंकिता भंडारी की हत्या भी 18 सितंबर को हुई थी। इसमें बीजेपी नेता विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य, उसका साथी सौरभ और अंकित को गिरफ्तार कर किया गया था।

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First published on: 06-10-2022 at 05:13:15 pm
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