ताज़ा खबर
 

चार दशक कांग्रेस में, 2014 में बीजेपी में आए, छोड़ने की धमकी भी दी, अमित शाह ने बनाया अध्यक्ष

कन्ना लक्ष्मीनारायण काेे आंध्र प्रदेश में भाजपा का नया अध्‍यक्ष बनाया गया है। ये घोषणा बेहद चौंकाने वाली थी। क्योंकि लक्ष्मीनारायण अप्रैल में पार्टी छोड़कर वाईएसआर कांग्रेस में शामिल होने वाले थे। ये घोषणा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने की है और नाम का प्रस्ताव भी उन्‍होंने ही किया था।

साल 2014 के चुनावों केे बाद पीएम मोदी का स्‍वागत करते कन्‍ना लक्ष्‍मी नारायण। फोटो- Facebook/Kanna Lakshmi Narayna

भारतीय जनता पार्टी ने रविवार (13 मई) को कन्ना लक्ष्मीनारायण को आंध्र प्रदेश का नया अध्यक्ष बना दिया। ये घोषणा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने की है। लक्ष्मीनारायण के नाम का प्रस्ताव भी शाह ने ही किया था। कन्ना लक्ष्मीनारायण विशाखापटनम से सांसद के. हरिबाबू की जगह ये स्थान ग्रहण करेंगे। कन्ना लक्ष्मीनारायण के नाम की घोषणा बेहद चौंकाने वाली थी। क्योंकि लक्ष्मीनारायण ने अप्रैल में घोषणा की थी कि वह पार्टी छोड़ देंगे और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएंगे।

मनाकर लौटा लाए अमित शाह:  62 साल के कन्ना लक्ष्मीनारायण कापू समुदाय से आते हैं। इस समुदाय का आंध्र की राजनीति में गहरा असर पड़ता है। लक्ष्मीनारायण को पहले ऐसे संकेत मिल रहे थे कि पार्टी उन्हें कोई महत्वपूर्ण ​दायित्व देने नहीं जा रही है। इसके बाद उन्होंने अपनी वफादारी बदलने का फैसला किया। यहां तक कि उन्होंने दूसरी पार्टी में शामिल होने की तारीखों का ऐलान भी कर दिया था। लेकिन बाद में खराब स्वास्थ्य के चलते उन्होंने अपने कार्यक्रम को रद कर दिया। हालांकि बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के बड़े नेताओं ने उन्हें कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने तक रुकने के लिए कहा था।

अासान नहीं है जिम्‍मेदारी: लक्ष्मीनारायण, आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से पांच बार विधायक रहे हैं। वह लगभग 40 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद 2014 के चुनावों के कुछ महीने बाद ही भाजपा में शामिल हो गए थे। कन्ना लक्ष्मीनारायण आंध्र प्रदेश की वाई एस राजशेखर रेड्डी, के रोसैया और किरन कुमार रेड्डी की सरकार में मंत्री रहने के साथ ही कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें राज्य में बीजेपी की कमान बेहद मुश्किल वक्त में सौंपी गई है। राज्य में सत्तारूढ़ तेलुगुदेशम पार्टी भाजपा नीत एनडीए से अलग हो चुकी है। उनकी मांग आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग को लेकर थी। लेकिन इसके बाद भाजपा ने राज्य में भी उनसे समर्थन वापस ले लिया।

भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के साथ भाजपा की सदस्‍यता ग्रहण करते कन्‍ना लक्ष्‍मी नारायण। फोटो- Facebook/ Kanna Lakshmi Narayna

शक्ति संतुलन साधकर सौंपी जिम्‍मेदारी: कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा के फायरब्रांड नेता और एमएलसी सोमू वीराराजू अगले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हो सकते हैं। बता दें कि सोमू ने सरकार से अलग होने के मुद्दे पर तेलुगुदेशम पार्टी के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला था। हालांकि अमित शाह ने शक्ति संतुलन को साधते हुए उन्हें राज्य में पार्टी के चुनाव प्रबंधन समिति का मुखिया बना दिया है। लक्ष्मीनारायण के कंधों पर 2019 में पार्टी के चुनाव प्रचार की भारी जिम्मेदारी है। उन्हें यह भी समझना होगा कि तेलुगुदेशम पार्टी इस बात को मुद्दा जरूर बनाएगी कि भाजपा ने ही उन्हें विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया है।

आंध्र में जड़ें जमा सकती है बीजेपी: गुंटूर में मीडिया को संबोधित करते हुए कन्ना लक्ष्मीनारायण ने कहा,’मैं आंध्र प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने के लिए काम करूंगा। मैं तेलुगुदेशम पार्टी के हर झूठ का पर्दाफाश भी करता रहूंगा।’ भाजपा ने 2014 में टीडीपी के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन ने 25 में से 17 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि 175 सीटों वाली विधानसभा में से 106 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा नेताओं ने इशारा किया कि पार्टी को 2014 के लोकसभा चुनाव में 7 प्रतिशत वोटों का फायदा हुआ था। जबकि विधानसभा चुनावों में 2 प्रतिशत की बढ़त मिली थी। नेताओं का दावा है कि पार्टी के विकास के लिए राज्य में भरपूर संभावनाएं हैं।

Follow Jansatta Coverage on Karnataka Assembly Election Results 2018. For live coverage, live expert analysis and real-time interactive map, log on to Jansatta.com

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App