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आंध्र प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं, लड़कियां हर वक्त अपने साथ रखें चाकू, जबरदस्ती करने वाले का काट दें गुप्तांग

अध्यक्ष ने कहा, मैं योजना आयोग की चेयरपर्सन होने के नाते कहती हूं कि जब भी लड़कियां घर से बाहर निकले उन्हें अपने साथ चाकू रखना चाहिए।
अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे लोगों को केरल की लड़की की ही तरह सजा दी जानी चाहिए (फोटो सोर्स फेसबकु)

आंध्र प्रदेश महिला आयोग की चेयरपर्सन नन्नापनेई राजकुमारी ने लड़कियों के खिलाफ बढ़ते जघन्य अपराधों पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। नन्नापनेई ने कहा कि लड़कियां अपने साथ चाकू रखे और किसी व्यक्ति द्वारा जबरदस्ती किए जाने पर उसके गुप्तांगों को काट दें। राजकुमारी ने ये बात बीते बुधवार (24 मई, 2017) को विशाखापत्तनम के किंग जॉर्ज हॉस्पिटल में बलात्कार पीड़ित दो आदिवासी लड़कियों से मिलने के बाद कही। बता दें कि शनिवार (20 मई, 2017) को ताजंगी गांव में आठ लोगों ने इन दोनों लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया था। खबर के अनुसार आरोपियों ने लड़कियों के साथ उनके दो मित्रों को बहुत बुरी तरह पीटा जिसके बाद स्कूल की इमारत में ले जाकर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार बलात्कार पीड़ितों से मिलने के बाद राजकुमारी नम आखों के साथ बाहर आईं। जिसके बाद मीडिया के सामने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘आरोपी जबरन लड़कियों को उठाकर ले गए और उनके दो दोस्तों को भी बहुत बुरी तरह से पीटा। ये बहुत बुरा है। उन्होंने जानवरों की तरह व्यवहार किया। मुझे लगता है ऐसे लोगों को केरल की घटना की तरह दंडित किया जाना चाहिए।’

बलात्कारियों से निपटने के लिए उन्होंने केरल की लॉ छात्रा का उदाहरण दिया, जहां छात्रा ने बलात्कार की कोशिश करने वाले स्वामी का गुतांग काट दिया था। महिला आयोग की चेयरपर्सन नन्नापनेई राजकुमारी राज्य मंत्री गन्ता श्रीनिवास राव व अन्य विधायकों के साथ पीड़िताओं से मिलने पहुंची थी। जहां उन्होंने कहा, ‘मैं योजना आयोग की चेयरपर्सन होने के नाते कहती हूं कि जब भी लड़कियां घर से बाहर निकले उन्हें अपने साथ चाकू रखना चाहिए। जब कोई शख्स जानवरों की तरह उनसे जबरदस्ती करने की कोशिश करे तो तुंरत उनके गुप्तांग काट दें।’ राजकुमारी ने आगे कहा कि हम बलात्कारियों की चमड़ी उधेड़ देंगे। पुलिस को भी बलात्कारियों के पकड़े जाने पर उनके चेहरे नहीं छिपाने चाहिए बल्कि सड़को पर उनका जुलूस निकाला जाना चाहिए। जहां लोग बलात्कारियों को जूते-चप्पल और झाड़ू मारें। इसके बाद उन्हें थाने में बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्भया मामले के दोषियों की तरह यहां भी बलात्कारियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए या कम से कम उम्रकैद की सजा दी जाए।

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