ताज़ा खबर
 

जिस ससुर को हटा खुद बने सीएम, उसके लिए अब मांगा ‘भारत रत्न’

आज से करीब 23 साल पहले साल 1995 में चंद्रबाबू ने ही तख्तापलट कर दिया था और ससुर को हटा खुद मुख्यमंत्री बन गए थे। तब नायडू ने आरोप लगाया था कि बुजुर्ग एनटीआर की जगह उनकी दूसरी पत्नी लक्ष्मी पार्वती शासन चला रही हैं।

चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। इनका पूरा नाम नारा चंद्रबाबू नायडू है। ये तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष भी हैं। पिछले दिनों इन्होंने केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार से अपनी पार्टी का समर्थन वापस ले लिया था। साथ ही एनडीए से भी इनकी पार्टी बाहर निकल गई है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी के संस्थापक अध्यक्ष एन टी रामाराव को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक अलंकरण भारत रत्न देने की मांग की है। सोमवार (28 मई) को टीडीपी के वार्षिक सम्मेलन और संस्थापक अध्यक्ष एनटी रामाराव (एनटीआर) की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि एनटीआर की सामाजिक सेवा, अभिनय और राज्य में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक अलंकरण से सम्मानित किया जाय। हालांकि, उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई मौकों पर उन्होंने एनटीआर को भारत रत्न देने की बात कही है, पर केंद्र सरकारों ने अनसुना कर दिया।

बता दें कि एनटी रामाराव तेलुगु फिल्मों के मशहूर अभिनेता, डायरेक्टर और संपादक थे जो बाद में राजनीति में आ गए थे। उन्होंने 1982 में तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की थी और पार्टी स्थापना के नौ महीने बाद ही 1983 में आंध्र प्रदेश में गैर कांग्रेसी टीडीपी की सरकार बनाई थी। रामाराव 1983 से 1995 तक कुल तीन कार्यकाल में करीब सात साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। चंद्रबाबू नायडू एनटी रामाराव के दामाद हैं। आज से करीब 23 साल पहले साल 1995 में चंद्रबाबू ने ही तख्तापलट कर दिया था और ससुर को हटा खुद मुख्यमंत्री बन गए थे। तब नायडू ने आरोप लगाया था कि बुजुर्ग एनटीआर की जगह उनकी दूसरी पत्नी लक्ष्मी पार्वती शासन चला रही हैं। नायडू ने पार्टी के अंदर ही सास-ससुर के खिलाफ अलग गुट बनाकर उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया था। इसके बाद सीएम पद से भी एनटीआर को इस्तीफा देना पड़ा था। चंद्रबाबू नायडू 1 सितंबर 1995 को पहली बार आंध्र प्रदेश के सीएम बने थे।

एनटीआर को एक दूरदर्शी नेता कहा जाता है। वह आंध्र प्रदेश के तटीय जिले कृष्णा के मूल निवासी थे। किसान परिवार से आने वाले एनटीआर ने मद्रास सर्विस कमीशन की परीक्षा पास कर सब रजिस्ट्रार की नौकरी की थी लेकिन बाद में उसे छोड़कर अभिनय की दुनिया में चले गए थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App