आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले से इंसानियत को तार-तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां कुछ लोगों ने 30 हजार रुपये के लेनदेन में एक दलित युवक को स्कूटर के पीछे बांधकर उसे काफी देर तक सड़क पर दौड़ाया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर इस मामले में कार्रवाई भी की है। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनपर SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। पुलिस ने सोमवार को इस मामले में कार्रवाई करते हुए भोगपुरम इलाके से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ SC/ST एक्ट के साथ-साथ दूसरी धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस ने बताया पूरा मामला

विजयनगरम जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ए आर दामोदर के मुताबिक, पीड़ित वाई राजेश ने रामचंद्रपेट इलाके में एक बाइक मैकेनिक से 25 हजार रुपये का स्कूटर खरीदने की पेशकश की थी। 11 अगस्त को राजेश ने मैकेनिक वी महेश से कहा कि वह पहले स्कूटर को चलाकर देखना चाहता है और इसी दौरान राजेश से वह स्कूटर एक गाड़ी से टकरा गया।

राजेश ने पैसे देने में जताई असमर्थता

इस एक्सीडेंट में दूसरी गाड़ी डैमेज हो गई थी। जिसके लिए महेश ने उस गाड़ी की मरम्मत के लिए राजेश को 30 हजार रुपये दिए। अब महेश ने राजेश से स्कूटर के 25 हजार और दूसरी गाड़ी की रिपेयरिंग के 5 हजार रुपये को मिलाकर कुल 30 हजार रुपये की मांग करनी शुरू कर दी। राजेश पैसे देने में आनाकानी करने लगा।

आरोपियों ने राजेश को रातभर पीटा

5 सितंबर को महेश उसके भाई अप्पाराव और उसके तीन दोस्तों ने राजेश को ढूंढ निकाला और उसे मैकेनिक की दुकान पर ले गए जहां उन्होंने कथित तौर पर उसे रात भर बंधक बनाकर पीटा और उसके बाद अगले दिन स्कूटर के पीछे बांधकर सड़क पर दौड़ाया। वीडियो में देखा जा सकता है कि राजेश के हाथ बांधे हैं और उसने शर्ट नहीं पहनी है और उसे स्कूटर के पीछे बांधकर दौड़ाया जा रहा है।

पुलिस ने राजेश को बचाया

पुलिस ने बताया कि जब राजेश ने कहा कि उसके पास अभी भी देने के लिए पैसे नहीं हैं, तो रविवार दोपहर को आरोपियों ने राजेश की शर्ट उतार दी और उसके गले और हाथों में रस्सी बांध दी। इसके बाद उसे कई मिनट तक एक स्कूटर के पीछे दौड़ाया। एसपी दामोदर ने कहा कि पुलिस मौके पर पहुंची और राजेश को हॉस्पिटल ले गई, और बाद में सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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लगभग तीस सालों तक एक ठग सैम पीटर, राहुल पीटर, डैनी थरक्कन, राजेश रॉबिन्सन, एंथनी फ्रांसिस के नाम से जाना जाता था। पुलिस का कहना है कि उसने सालों में और भी कई नाम इस्तेमाल किए होंगे लेकिन हम अब तक सिर्फ़ इन पांच के बारे में ही जानते हैं। उसने अपनी लोकेशन बदली और कभी-कभी वह एजेंसी भी बदल दी जिसका वह प्रतिनिधित्व करने का दावा करता था। कभी वह नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) का अधिकारी होता था, तो कभी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का आदमी। वह अपनी पहचान से मेल खाने के लिए नकली पासपोर्ट, आधार और पैन कार्ड रखता था। यहां पढ़ें पूरी खबर…