Anant Singh News: मोकामा के बाहुबली नेता और विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली। खराब स्वास्थ्य के कारण वे बेउर जेल से एम्बुलेंस में विधानसभा पहुंचे। दुलारचंद यादव हत्याकांड में तीन महीने से न्यायिक हिरासत में रहे सिंह ने शपथ पत्र पढ़े बिना ही शपथ ग्रहण समारोह पूरा कर लिया। शपथ लेने के बाद उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। नीतीश कुमार ने भी मुस्कुराते हुए अनंत सिंह से उनका हालचाल पूछा।

मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने शपथ ग्रहण में देरी का कारण अपना स्वास्थ्य बताया और दोहराया कि उनकी रिहाई न्यायपालिका के फैसले पर निर्भर है। उन्होंने कहा, “मैं तभी जेल से बाहर आऊंगा जब न्यायाधीश फैसला करेंगे।” साथ ही कहा, “जांच जारी है। मैं निर्दोष हूं, इसलिए मुझे न्याय जरूर मिलेगा।” पटना सिविल कोर्ट ने सिंह के शपथ ग्रहण के लिए रास्ता साफ कर दिया था, लेकिन अनुमति केवल औपचारिक समारोह के लिए ही दी थी। हत्या के मामले में उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है और कार्यवाही पूरी होने के तुरंत बाद वे बेउर जेल लौट जाएंगे।

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अनंत सिंह को शपथ लेना था जरूरी

मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह को संवैधानिक तौर पर शपथ लेनी जरूरी थी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 188 के तहत, शपथ लिए बिना कोई विधायक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सकता। शपथ ग्रहण समारोह खत्म होने के साथ ही अनंत सिंह की विधायक सदस्यता औपचारिक हो गई है।

क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?

बता दें कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में कथित संलिप्तता के आरोप में वे बेऊर जेल में बंद हैं। दुलारचंद की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को उस समय हुई जब यादव मोकामा विधानसभा क्षेत्र में पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। आरोप है कि सिंह के समर्थकों और यादव के समर्थकों के बीच झड़प हुई। इसमें दुलारचंद यादव की मौत हो गई। फिर पुलिस ने अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। अक्टूबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह ने आरजेडी की उम्मीदवार वीना देवी को 28206 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी।