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बिना ऑफिस आए फर्जी साइन से डिप्टी सीएमओ ने लिया 6 महीने तक वेतन, हुआ खुलासा तो जारी हुआ सस्पेंशन का आदेश

आरोप है कि अमरोहा की डिप्टी सीएमओ इंदु बाला शर्मा ऑफिस के अटेंडेंस रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर करवाकर 6 महीने तक सैलरी प्राप्त करती रहीं।

बिना ऑफिस आए फर्जी साइन से डिप्टी सीएमओ ने लिया 6 महीने तक वेतन, हुआ खुलासा तो जारी हुआ सस्पेंशन का आदेश
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- Freepik)

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की डिप्टी सीएमओ को 6 महीने से बिना ऑफिस गए वेतन लेने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। डिप्टी सीएमओ डॉ इंदु बाला शर्मा को यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर निलंबित किया गया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश हैं। फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर सैलरी लेने के मामले में वेतन जारी करने वाले प्रभारी समेत अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

बताया जा रहा है कि इंदु बाला शर्मा 6 महीने से ऑफिस नहीं गई हैं, लेकिन वह 6 महीने से अपना पूरा वेतन प्राप्त कर रही हैं। आरोप है कि उन्हें यह सैलरी फर्जी साइन के आधार पर दी जा रही थी। ऑफिस के अटेंडेंस रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर करवाकर वह 6 महीने तक सैलरी प्राप्त करती रहीं।

डिप्टी सीएम ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि जनपद अमरोहा में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इंदुबाला शर्मा द्वारा 6 महीने तक कार्यालय में बिना उपस्थिति के रजिस्ट में फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर वेतन लेने का मामला उनके संज्ञान में आया था। ब्रजेश पाटक ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को उप मुख्य चिकित्साधिकारी इंदुबाला शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया गया।

इस मामले में तत्कालीन सीएमओ संजय अग्रवाल ने भी विभागीय जांच के आदेश दिए थे। इसके अलावा, वेतन जारी करने के प्रभारी संतोष कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही मामले में शामिल सभी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने को भी कहा गया है। इस मामले में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

लिपिक संतोष कुमार पर लगातार वेतन जारी करते रहने का दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी विभाग की तरफ से कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इतनी ही नहीं, डिप्टी सीएम की ओर से इस प्रकरण में फर्जी सिग्नेचर की जांच करवाकर संलिप्त अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

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First published on: 30-09-2022 at 09:17:05 am