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जिनके लिए धर्म पहले था वो 1947 में चले गए, आप छूट गए क्या यहां पर- पैनलिस्ट पर भड़के एंकर, संविधान की दिलाई याद

देवकीनंदन ने कहा कि कनाडा में मेरे मित्रों ने मुझसे कहा कि आप टीवी डिबेट पर बिल्कुल मत जाइएगा, पता नहीं आपके साथ क्या हो जाए।

जिनके लिए धर्म पहले था वो 1947 में चले गए, आप छूट गए क्या यहां पर- पैनलिस्ट पर भड़के एंकर, संविधान की दिलाई याद
आरोपियों को लेकर अमरावती कोर्ट पहुंची पुलिस। ( फोटो सोर्स: ANI)

अमरावती मर्डर केस पर चल रही एक टीवी डिबेट के दौरान के एंकर अमन चोपड़ा ने पैनलिस्ट से पूछा कि आपके लिए संविधान पहले है या धर्म पहले। इसके जवाब में पैनलिस्ट ने कहा कि मेरे लिए दोनों जरूरी हैं। एंकर ने पैनलिस्ट से कहा कि जिनके लिए धर्म पहले था वो 1947 में चले गए, आप छूट गए क्या। आपकी ट्रेन छूट गई शायद।

संगीत रागी ने कहा कि अमरावती और उदयपुर की घटना के बाद उसके बगल में अगर कोई मुस्लिम है तो उससे डरने लगेगा। उन्होंने कहा कि किसी के ललाट पर नहीं लिखा कि वो कैसा है। अमरावती मर्डर केस में आखिर वो दोनों दोस्त ही तो थे, लेकिन दोस्ती में इस्लाम भारी पड़ गया। इस्लाम नाम की व्याख्या भारी पड़ गई। 16 साल से उमेश कोल्हे का दोस्त था यूसुफ खान। उन्होंने कहा कि इस घटना का बहुत दूरगामी परिणाम इस भारत के अंदर होने वाला है। ये समाज के बीच में बहुत बड़ी खाई छोड़कर जा रहा है।

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि मैं इस बात से ही सहमत नहीं हूं कि भाईचारा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में तीन-तीन सिर कलम हो गए। उसके बाद भी हम कहें कि भाईचारा है। ये बिल्कुल भी भाईचारा नहीं है। जब तक हम लोग ईमानदारी से अपनी आवाज बुलंद नहीं करेंगे, तब तक हिंदू समुदाय के साथ ऐसे ही होता रहेगा। उन्होंने कहा कि जैसे मुस्लिम समाज को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, वैसे हिंदू समाज को भी है।

देवकीनंदन ने कहा कि कनाडा में मेरे मित्रों ने मुझसे कहा कि आप टीवी डिबेट पर बिल्कुल मत जाइएगा, पता नहीं आपके साथ क्या हो जाए। उन्होंने कहा कि आज मैं बोल रहा हूं तो बहुत सोच-समझकर बोल रहा हूं कि कहीं इन लोगों को कोई बात बुरी न लग जाए। अगर कहीं बुरी लग जाए तो मुझसे ही कह दें कि कल हम तुम्हारा सिर कलम कर देंगे। उन्होंने कहा कि स्टेटस लगाने से सिर कलम हो जाए तो उसको भाई चारा कहेंगे, ये बिल्कुल भी भाई चारा नहीं है।

बता दें, महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या बीजेपी (BJP) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सएप स्टेटस लगाने के कारण की गई. इस बात की जानकारी अमरावती पुलिस को थी। फिलहाल मामले के ‘अत्यंत संवेदनशील’ होने के कारण पुलिस ने पहले इसका खुलासा नहीं किया था।

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