ताज़ा खबर
 

सीबीआई के हत्थे चढ़ा बैंकों को 50 करोड़ का चूना लगाने वाला आरोपी, कई मामलों था भगोड़ा

दिल्ली और एनसीआर के राष्ट्रीयकृत बैकों को उसने 50 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त राजीव रंजन के मुताबिक इस बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम तैनात थी।

Author Updated: August 30, 2018 9:06 AM
सीबीआई मुख्यालय (फाइल फोटो)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) के छह और आर्थिक अपराध शाखा के दो बड़े मामलों में वांछित अमित वर्मा को अपराध शाखा ने गिरफ्तार करने का दावा किया है। अमित ब्यूरो के छह और चार अन्य मामलों में कोर्ट से भगोड़ा घोषित था। दिल्ली और एनसीआर के राष्ट्रीयकृत बैकों को उसने 50 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त राजीव रंजन के मुताबिक इस बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम तैनात थी। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि अमित वर्मा शकरपुर के दयानंद ब्लॉक स्थित एक मकान में छिपा है। वह मूलरूप से जीटीवी एनक्लेव का रहने वाला है।

पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने अन्य साथियों नितिन अरोड़ा, संदीप खेरा, इशिता अरोड़ा और विनोद अरोड़ा के साथ मिलकर विभिन्न बैंकों को भूखंड और फ्लैटों के फर्जी कागज देकर चूना लगाया। नोएडा सेक्टर-27 के बैंक आॅफ महाराष्ट्र के अधिकारी को प्रभावित कर पहले से लगाए गए कर्ज वाले भूखंड पर भी दोबारा कर्ज लेकर चूना लगाया। कुछ बैंकों ने सीबीआइ तो कुछ ने आर्थिक अपराध शाखा से शिकायत की। करीब 44 करोड़ रुपए उसने बैंकों से फर्जी कागजात दिखाकर कर्ज उठाए और अन्य तरीके से भी लोगों को चूना लगाया। सीबीआइ ने उसके खिलाफ दस मामले दर्ज किए जबकि आर्थिक अपराध शाखा ने दो मामले दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। गिरोह के सरगना नितिन अरोड़ा और उसकी पत्नी इशिता अरोड़ा दो साल से जेल से बाहर हैं। साल 2015 में नितिन को अपराध शाखा ने पकड़ा था।
उसके ऊपर हत्या के प्रयास के भी दो मामले दर्ज हैं।

मणिपुर का आतंकवादी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने मणिपुर के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी-पीडब्लूजी) के 45 साल के अध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। उसके ऊपर मणिपुर के मुख्यमंत्री को धमकी देने का आरोप है। आरोपी का नाम ओइनाम इबोचोउबा सिंह उर्फ कोइरांगबा है। यह प्रतिबंधित संगठन का स्वयंभू अध्यक्ष और शीर्ष कमांडर है उसे दिल्ली के कोटला मुबारकपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके ऊपर मणिपुर में कई आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त रहने का मामला दर्ज है। विशेष प्रकोष्ठ के उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि वह कथित रूप से राष्ट्र विरोधी गतिविधियां चलाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में अड्डा बनाने की कोशिश कर रहा था। उस पर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह और कुछ अन्य मंत्रियों को धमकी देने का आरोप है। इस संबंध में मणिपुर में मामला दर्ज किया गया है। उसके पास से रेल के दो टिकट, मोबाइल, लेटरपेड और नेपाल का सिम कार्ड्स लगा एक मोबाइल भी बरामद हुआ है।

पुलिस को सूचना मिली कि केसीपी प्रमुख नेपाल के पास के बॉर्डर सनौली में छिपा हुआ है। यह भी पता चला कि वह अपने साथियों के साथ दिल्ली में ठिकाने की तलाश कर रहा है। दिल्ली पुलिस की टीम ने पूर्वोत्तर के रहने वाले ठिकानों पर मुस्तैदी बढ़ा दी। मंगलवार को पता चला कि कोटला मुबारकपुर में वह अपने एक जानकार से मिलने आ रहा है। पुलिस ने दबिश दी और बताए ठिकाने कोटला मुबारकपुर आर्य समाज मंदिर के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह 2010 में असम पुलिस की गिरफ्त में एक बार आया था। एक महीने जेल में रहने के बाद दोबारा निकला तो फिर इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो गया। मणिपुर में कई आतकंवादी वारदातों में वह शामिल रहा है। पांच साल पहले पुलिस से बचने के लिए वह नेपाल भाग गया था।

वह व्यापारी, सरकारी कर्मचारी व अधिकारी और निजी स्कूल चलाने वालों से रंगदारी मांगता था। मणिपुर में इस संगठन के नाम से लोगों को डर है लिहाजा इसका फायदा उठाते हुए वह फिरौती और रंगदारी मांगने का अवैध काम करता है। वह सनौली बॉर्डर होकर दिल्ली पहले भी आ चुका है। गिरफ्तार कोइरांगबा ने यह भी बताया कि अगस्त के दूसरे सप्ताह में उसने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति एपी पांडेय, मणिपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संगठन के प्रधान से भी रंगदारी मांगी थी। साल 2017-18 में इस संगठन ने पांच ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है जिससे मणिपुर पुलिस के सामने इस संगठन और इसके प्रधान को पकड़ने की चुनौती खड़ी हुई।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 भारतीय डाक भुगतान बैंक 1 सितंबर से शुरू
2 मुश्किलों ने मानी हार, खुद को जब आजमाया, जमाने को वजूद दिखाया
3 सरेंडर करने जा रहे लालू ने कहा- डिक्टेटरशिप की ओर जा रहा देश, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी इमरजेंसी का संकेत