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बिहार: वर्चुअल रैली से आज चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे अमित शाह, 72 हजार बूथ समेत 5 लाख कार्यकर्ताओं को करेंगे संबोधित, विरोध में RJD बजाएगी थाली

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की तरफ से शुरू किए जा रहे इस प्रचार अभियान पर विपक्षी राजद और कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।

Amit Shahकेन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह। (PTI Photo)

बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए प्रदेश में जेडीयू के साथ शासन कर रही भाजपा ने कमर कस ली है। कोरोना के समय में विपक्षी पार्टियों के चुनाव पर ध्यान न देने का फायदा भाजपा ने ही सबसे पहले उठाया है। इसी कड़ी में आज गृह मंत्री और पूर्व भाजपा प्रमुख अमित शाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। शाह अपनी वर्चुअल रैली के जरिए राज्य के करीब 72 हजार बूथों में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान मुख्य विपक्षी दल राजद के कार्यकर्ता थाली बजाकर भाजपा की इस डिजिटल रैली का विरोध करेंगे।

भाजपा का दावा है कि उसके करीब 5 लाख पार्टी वर्कर यूट्यूब, फेसबुक लाइव और नमो ऐप के जिए शाह का भाषण सुनेंगे। इस इवेंट को बिहार में चुनाव प्रचार की आधिकारिक शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि, विपक्षी राजद और कांग्रेस ने इस जल्दबाजी के लिए भाजपा का घेराव किया है। विपक्ष का कहना है कि राज्य में अभी कोरोना के केस बढ़ रहे हैं और यह लड़ाई अभी जीती जानी है। इससे पहले ही भाजपा यहां इलेक्शन मोड में पहुंच रही है।

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गौरतलब है कि बिहार में प्रवासी मजदूरों के लौटने के साथ ही कोरोनावायरस के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। राज्य में अब तक कोरोना के 4831 मामले सामने आ चुके हैं, इनमें ढाई हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं, जबकि 29 लोगों की जान भी गई है। इस बीच बिहार भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जयसवाल का कहना है कि शाह की यह वर्चुअल रैली सिर्फ कैडरों को डिजिटल तरीके से संबोधित करने के लिए है। बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “रविवार की वर्चुअल रैली हमारी कैडर को बूथ स्तर तक टेक-सैवी बनाने की दो महीने की मेहनत का नतीजा होगी। हमारे लगभग सभी कार्यकर्ता स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं और अब जूम मीटिंग्स और पार्टी के वॉट्सऐप ग्रुप से भी परिचित हैं। हमारे राज्य के अध्यक्ष मंडल और शक्ति केंद्र के साथ वीडियो मीटिंग कर चुके हैं।”

गौरतलब है कि बिहार में भाजपा के 45 जिलों पर ध्यान दे रही है। इनमें 1100 मंडल, 9000 शक्ति केंद्र और 72 हजार बूथ शामिल हैं। आनंद के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान हमारा कार्यकर्ताओं से मिलना संभव नहीं था, लेकिन हमारे कैडर हर स्तर पर सक्रिय रहे। डिजिटल चैनलों के जरिए लॉकडाउन के बीच भी कुछ न कुछ सक्रियता दिखाई गई है।

आनंद से जब शाह की रैली के मकसद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की पहले साल की उपलब्धियों और केंद्र ने कैसे कोरोना संकट का सामना किया है इसके बारे में बताया जाएगा। आनंद ने कहा कि विपक्ष यह कह सकता है कि कोरोना के समय यह ठीक नहीं, लेकिन ये रैली सिर्फ पार्टी की अलग-अलग स्तरों से जुड़ने की कोशिश है।

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भाजपा की इस रैली पर राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि हमारे नेता तेजस्वी यादव ने भी जूम मीटिंग्स की हैं और हमारे भी वॉट्सऐप ग्रुप हैं, लेकिन हम चुनाव के बारे में भाजपा की तरह नहीं सोच रहे। हम प्रवासी मजदूरों के साथ जुड़े हैं और कुछ हमारे पार्टी के सदस्य भी बने हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के सचिव चंदन यादव ने कहा कि हमारी पार्टी ने भी डिजिटल माध्यम से लोगों से जुड़ने की कोशिश की है। हमने डिजिटल स्तर पर ही बिहार सरकार के कोरोना संकट पर कुप्रबंधन का मुद्दा उठाया है और इस पर कई अभियान भी चलाए।

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