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यूपीए सरकार के 10 साल में ‘स्कैंडलों-पॉलिसी पैरालिसिस’ का राज रहा: अमित शाह

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘संप्रग-1 और संप्रग-2 ने हालात ऐसे बना दिए कि ऐसा प्रतीत हुआ कि देश के विकास का सफर थम गया है।’

Author नई दिल्ली | May 27, 2016 4:55 PM
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमुख अमित शाह दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए। (पीटीआई फोटो)

मोदी सरकार के दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए भाजपा प्रमुख अमित शाह ने शुक्रवार (27 मई) को पार्टी को एक ‘निर्णायक’ सरकार देने का श्रेय दिया और कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों में किए गए सभी वादे बाकी के तीन साल के बचे कार्यकाल के दौरान पूरे किए जाएंगे। शाह ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के क्षेत्र में पिछले दो साल के दौरान मोदी सरकार की पहलों की विस्तार से चर्चा की। भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि संप्रग सरकार के दस साल के दौरान ‘घोटालों, स्कैंडलों और पॉलिसी पैरालिसिस’ का राज रहा।

शाह ने संप्रग सरकार पर आरोप लगाया कि उसने ‘खाली खजाना और पॉलिसी पैरालिसिस’ छोड़ा था। उनका आरोप था कि नौकरशाही ‘खिन्न’ थी और लोगों में मायूसी छाई थी। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि सत्ता में आने के दो साल के अंदर मोदी सरकार ने इन सभी हिस्सों में आशा पैदा की। शाह ने उम्मीद जताई कि मोदी सरकार इन वर्षों में आधारशिला रखने के बाद देश को नई बुलंदी पर ले जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हमने देश को एक निर्णायक सरकार दी है। यह एक सरकार है जो फैसले लेती है। लंबे अरसे के बाद मोदी जी के नेतृत्व में ऐसी कोई निर्णायक सरकार गठित हुई है।’

शाह ने कहा, ‘मोदी सरकार संप्रग के 10 साल के शासन के बाद सत्ता में आई है जिस दौरान घोटालों और स्कैंडलों का राज रहा था। सरकार में दो साल रहने के बाद हमारे विरोधी भी हमपर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सके।’ शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पहली राजग सरकार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि तब राष्ट्र का शुरू हुआ विकास सफर संप्रग सरकारों के दौरान थम गया प्रतीत होता है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘संप्रग-1 और संप्रग-2 ने हालात ऐसे बना दिए कि ऐसा प्रतीत हुआ कि देश के विकास का सफर थम गया है।’ उन्होंने लोगों की समस्याओं के तेज निवारण पर मोदी सरकार के ध्यान की एक मिसाल के तौर पर कहा कि सरकार एनईईटी अध्यादेश लाई जिसमें राज्यों को अपनी मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने का मौका मिला।

शाह ने सभी पार्टियों से अपील की कि वे ‘राष्ट्र के विकास के एजेंडा’ से जुड़े कानूनों और उपायों का समर्थन करें। उनसे पूछा गया था कि जब भाजपा ने तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री जे. जयललिता के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया था तो कैसे वह उम्मीद करते हैं कि अन्नाद्रमुक जीएसटी बिल पर मोदी सरकार का समर्थन करेगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘हमें राष्ट्र को पॉलिसी पैरालिसिस से निकालने और खुशहाली लाने की जिम्मेदारी दी गई थी जिसे हमने पूरा कर दिया।’

शाह ने कहा, ‘हमें भरोसा है कि लोगों से किए गए सारे वादे अगले तीन सालों में पूरा करने के बाद हम ताजा जनादेश पाएंगे। हमने दो साल में बहुत काम किया।’ मोदी सरकार के काम-काज पर कांग्रेस की आलोचना और राजग मंत्रियों को बहस के लिए कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की चुनौती पर सवालों के जवाब में शाह ने कहा कि भाजपा सिब्बल के साथ बहस में नहीं जाएगी। उन्होंने कहा, ‘आप कांग्रेस से क्या उम्मीद करते हैं। क्या वह हमारी तारीफ करेंगे।’

भाजपा अध्यक्ष ने विनिर्माण, ऊर्जा, सॉफ्टवेयर आयात जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों और किसानों तथा युवाओं के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए कहा, ‘यह इकलौती सरकार है जिसने हर दिन एक नई पहल की है।’ रोजगार सृजन के मुद्दे पर मोदी सरकार कांग्रेस के लगातार हमलों का सामना कर रहे शाह ने स्टैंड अप, स्टार्ट अप और स्किल इंडिया जैसी स्कीमों की चर्चा की और कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी सरकार ने इस समझ के साथ काम किया है कि रोजगार सृजन का मामला सिर्फ नौकरियां नहीं है।

भाजपा ने यह भी दावा किया कि महंगाई ‘बहुत हद तक’ काबू में है जबकि विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई साल से लंबित ओआरओपी का मुद्दा उनकी सरकार के दौरान हल किया गया।

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