केरल में जड़ें जमाने के लिए ईसाई समुदाय को लुभाएगी बीजेपी, अमित शाह ने बनाया प्‍लान - Jansatta
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केरल में जड़ें जमाने के लिए ईसाई समुदाय को लुभाएगी बीजेपी, अमित शाह ने बनाया प्‍लान

दक्षिणी और उत्‍तर पूर्वी राज्‍य में अपना वोटर बेस बढ़ाने के लिए बीजेपी की नजर खास तौर पर इस समुदाय पर है।

Author नई दिल्‍ली | June 9, 2016 9:22 AM
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह। (Photo Source: Indian express)

बीजेपी चीफ अमित शाह जल्‍द ही केरल के दौरे पर जाने वाले हैं। वे यहां हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार की वजह जानने की कोशिश करेंगे। हालांकि, अपने दौरे से पहले शाह ने राज्‍य के नेताओं को कहा कि वे ईसाईयों को अपनी ओर खींचने की कोशिश करें। दक्षिणी और उत्‍तर पूर्वी राज्‍य में अपना वोटर बेस बढ़ाने के लिए बीजेपी की नजर खास तौर पर इस समुदाय पर है।

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पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, शाह ने बीते हफ्ते के. राजशेखरन की अगुआई वाले केरल के एनडीए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में कहा कि राज्‍य ईकाई को ईसाई समुदाय का भरोसा हासिल करने के लिए काम करना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी चीफ ने कहा, ‘भरोसा पैदा करने के लिए कोशिशें करो और अविश्‍वास को कम करो।’

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बीजेपी इस मई में चुनाव हारने वाली कांग्रेस के नेतृत्‍व वाली यूडीएफ के हिस्‍सा रहे केरल कांग्रेस मणि (KC-M) को एनडीए गठबंधन से जोड़ने की कोशिश जारी रखेगी। बीजेपी ने चुनाव से पहले केसीएम के साथ पर्दे के पीछे कई बार बातचीत की। पार्टी नेताओं का कहना है कि यूडीएफ अब सत्‍ता से बाहर हो चुका है, इ‍सलिए अब संभावित गठबंधन के लिए बीजेपी और केसीएम के बीच बातचीत आसान हो जाएगी।

बीजेपी लीडरशिप को पता है कि केरल में कुछ आबादी का 18.38 प्रतिशत हिस्‍सा ईसाइयों का है। एक बीजेपी नेता ने कहा, ‘चुनाव के नतीजे यह दिखाते हैं कि बीजेपी सेंट्रल केरल में अपने वोट शेयर बढ़ा सकती है, जहां न केवल ईसाई समुदाय की तादाद बेहद ज्‍यादा है बल्‍क‍ि बहुत प्रभावशाली भी है। ईसाई समुदाय के विभिन्‍न पंथों के धार्मिक नेताओं ने बीजेपी लीडरशिप के साथ अच्‍छे रिश्‍ते बनाने की इच्‍छा जाहिर की है। बहुत सारे ईसाई लीडर पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भी चुके हैं।’

राज्‍य में बीजेपी के वोट शेयर में इजाफा हुआ है। 2011 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 6 पर्सेंट वोट मिले थे, जो मई 2016 में बढ़कर 15 पर्सेंट हो गया। बीजेपी की राज्‍य ईकाई ने वोट शेयर में इजाफे और नेमाम विधानसभा सीट पर मिली जीत को एक उपलब्‍ध‍ि करार दिया था। केंद्रीय नेतृत्‍व भी इससे खुश नजर आता है। केंद्रीय नेता यह गिनाते हैं कि आठ विधानसभा सीटों पर बीजेपी प्रत्‍याशी दूसरे नंबर पर थे और यहां वोटों का मार्जिन 10000 वोट से कम था। बीजेपी नेता ने कहा, ‘अगर हमें ईसाई और नायर समुदाय का वोट मिलता तो पार्टी को कम से कम आठ से दस सीटें मिलतीं। राज्‍य ईकाई द्वारा इन दो समुदायों को अपने पाले में न कर पाना पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए जिम्‍मेदार रहा।’

राज्‍य में संगठन के काम से जुड़े एक बीजेपी नेता ने बताया कि पार्टी की केरल ईकाई ने केरल कांग्रेस के पीसी थॉमस को नजरअंदाज किया। थॉमस एनडीए-1 के हिस्‍सा रहे र्हैं। कुछ नेताओं ने इस ओर ध्‍यान दिलाया कि थॉमस बीजेपी और ईसाई समुदाय के बीच ‘सेतु’ का काम कर सकते हैं। इसके बाद ही असम में सर्वानंद सोनोवाला के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में थॉमस को खास तौर पर आमंत्रित किया गया। थॉमस ने हाल ही में शाह से दिल्‍ली में मुलाकात की थी। इस दौरान उन्‍होंने सुझाव दिया था कि ईसाई समुदाय के कुछ लोगों को रबर बोर्ड, स्‍पाइसेज बोर्ड, कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड जैसे निकायों में नियुक्‍त किया जाना चाहिए। ये निकाय केंद्रीय नेतृत्‍व के अंतर्गत आते हैं।

बीजेपी के नेताओं ने कहा कि यह भी प्रस्‍ताव है कि पीएम नरेंद्र मोदी सितंबर महीने में वेटिकन सिटी में मदर टेरेसा को संत की उपाधि दिए जाने के कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहें। इस तरह के कदम उठाने से ईसाई समुदाय के बीच भरोसा कायम करने में मदद मिलेगी। बिशप और समुदाय के अन्‍य धार्मिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मोदी से मुलाकात करके दरख्‍वास्‍त की थी कि वे वेटिकन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई करें। सूत्रों के मुताबिक, शाह अपने केरल दौरे में समुदाय के कुछ नेताओं से जरूर मिलेंगे।

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