पंजाब कांग्रेस में रार के बीच कैप्टन अमरिंदर के सामने नई मुसीबत, ED को मिली जांच की मंजूरी, बेटे की फाइलें भी खंगाली जाएंगी

एक तरफ पंजाब कांग्रेस में रार (Captain Amrinder Singh vs Navjot Singh Sidhu) की स्थिति बरकरार है तो वहीं दूसरी तरफ लुधियाना की एक स्थानीय अदालत द्वारा दिया गया आदेश मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder Singh) की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

Captain Amrinder Singh, Raninder Singh,
कैप्टन अमरिंदर सिंह (बाएं), रणिंदर सिंह (दाएं)। फाइल/ इंडियन एक्सप्रेस

एक तरफ पंजाब कांग्रेस में रार (Captain Amrinder Singh vs Navjot Singh Sidhu) की स्थिति बरकरार है तो वहीं दूसरी तरफ लुधियाना की एक स्थानीय अदालत द्वारा दिया गया आदेश मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder Singh) की मुश्किलें बढ़ा सकता है। लुधियाना की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder Singh) और उनके बेटे रणिंदर सिंह (Raninder Singh) के खिलाफ चल रहे कर टैक्स चोरी के मामलों में दस्तावेजों की जांच की अनुमति दे दी है।

कोर्ट ने सितंबर 2020 के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली रणिंदर सिंह की याचिका को खारिज कर दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणिंदर सिंह ने ED द्वारा फाइलों की जांच की अनुमति के खिलाफ याचिका दायर की थी। साथ ही अदालत ने इस मामले के पक्षकारों को नौ सितंबर को पेश होने के निर्देश भी दिए हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कैप्टन अमरिंदर और उनके बेटे रणिंदर के खिलाफ विदेशों में अघोषित संपत्ति छिपाने के तीन मामले दर्ज किए गए हैं इनमें से दो बेटे रणिंदर और एक कैप्टन अमरिंदर (Captain Amrinder Singh) के खिलाफ है। यह सभी मामले इनकम टैक्स की रिपोर्ट के आधार पर ED द्वारा दर्ज किए गए हैं। लुधियाना की स्थानीय अदालत में तीनों मामलों की सुनवाई हो रही है।

बताते चलें कि ED ने पिछले साल अगस्त के महीने में ही लुधियाना की कोर्ट में तीन आदेवन दायर कर मौजूदा मामलों में इनकम टैक्स द्वारा दायर दस्तावेजों की जांच की मांग की थी। ED ने साल 2013 में 2016 में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत रणिंदर के खिलाफ जांच शुरू की थी। इनकम टैक्स विभाग ने आरोप लगाया था कि रणिंदर ने कई ट्रस्टों के बारे में झूठ बोला है, जोकि वर्जिन आइलैंडों पर स्थित हैं। फेमा उल्लंघन मामले में रणिंदर ईडी के सामने पेश भी हो चुके हैं।

रणिंदर ने जांच की अनुमति के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि ईडी के आवेदन को अनुमति देने से पहले संशोधनवादियों को सुनवाई का मौका ही नहीं दिया गया, जोकि न्यायव्यवस्था के सिद्धांतों खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ED के पास ट्रायल कोर्ट के सामने जांच के लिए आवेदन दायर करने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि कोर्ट ने सभी नियमों का हवाला देते हुए बताया कि क्यों जांच की अनुमति दी जा सकती है।

कैप्टन अमरिंदर की मुसिबतें इन दिनों बढ़ी हुई नजर आ रही हैं। एक तरफ सिद्धू के साथ उनकी तनातनी (Captain Amrinder Singh vs Navjot Singh Sidhu) खुलकर सामने आ गई तो दूसरी एजेंसियों द्वारा उनके खिलाफ जांच जारी है। गुरुवार को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने भी माना की पंजाब कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। पार्टी के नेताओं के साथ अपनी मीटिंग में रावत ने कहा कि सिद्धू को कांग्रेस कल्चर में ढलने में समय लगेगा।

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