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Delhi AIIMS: अमेरिका से आए रोबोट ने की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी, एशिया में ऐसा पहली बार हुआ

एम्स में पहली बार एक्सेलस्यिस रोबोट के माध्यम से रीढ़ हड्डी की सफल सर्जरी हुई है। यह सर्जरी एक महिला की गई है।

Author नई दिल्ली | Updated: September 21, 2019 4:35 PM
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

दिल्ली एम्स में पूरे इशिया में पहली बार एक्सेलस्यिस रोबोट के जरिए रीढ़ (स्पाइन) की सफल सर्जरी की गई है। इस सर्जरी के बाद डॉक्टरों में उत्साह काफी बढ़ा है। बता दें कि यह सर्जरी अपने आप में खास है क्योंकि एशिया में पहली बार बार ओ ऑर्म रोबोटिक द्वारा सफल सर्जरी की गई है। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसे नई तकनीकों से हड्डी का सर्जरी करना काफी आसान और इससे जुड़े नुकसान भी घटकर कई गुना कम हो जाते हैं। बता दें कि यह रोबट कुछ दिन पहले ही भारत में आया है।

पहली सफल बार ओ ऑर्म रोबोटिक की सफल सर्जरीः एम्स के डॉक्टरों ने बुधवार (18 सितंबर) को पश्चिम बंगला की एक महिला मैसमी बसु का इस तकनीक से सफल सर्जरी की है। बता दें कि महिला 60 साल की थी और वह पिछले चार साल से कमर दर्द से परेशान थी। डॉक्टरों के अनुसार, महिला की रीढ़ के वटिब्रा एल 5 में हड्डी खिसकने से उन्हें दर्द हो रहा था। रोबोटिक सर्जरी के माधयम से उनका इलाज सफल हुआ और वह अभी सही से चल फिर सकती हैं। डॉक्टरों ने बताया कि महिला के पति ने डॉक्टरों से ईमेल आईडी के जरिए संपर्क कर उनकी यह परेशानी के बारे में बताया और तभी डॉक्टरों ने उनका इलाज इस नए तकनीक से करने की ठानी।

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नए तकनीक से काम में हुई आसानी और जल्दीः जानकारों के मुताबिक, इस नई तकनीक के जरिए ऐसे दुल्भ सर्जरी को काफी आसानी से अंजाम दिया जा सकता है। बता दें कि इसके माध्यम से आसानी से छोटा चीर तो लगाया जा सकता है, साथ ही स्क्रू या अन्य इम्पलांट भी आसानी और कम समय में सफलतापूर्वक लगाया जा सकता है। एम्स के डॉक्टर भावुक गर्ग का कहना है कि ऐसी सर्जरी में थोड़ी सी भी गलती जीवन भर के लिए मरीज को अपाहिज बना सकता है।

15 दिन पहले आया भारतः बता दें कि यह अमरीकी रोबोट भारत में पिछले 15 दिन से है। रोबोट द्वारा पहली सफल सर्जरी बसु की हुई है। बताया जा रहा है कि पूरी दुनिया में यह केवल 80 अस्पतालों में हैं। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि यह नई तकनीक एशिया में केवल भारत में एम्स के पास है।

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