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मस्जिद की सीढ़ियों पर फिसल गईं हिलेरी क्लिंटन, साथवालों ने बचाया

हिलेरी ने अपनी मांडू (मांडव) यात्रा के दौरान यहां के प्रसिद्ध स्मारकों जहाज महल, हिंडोला महल, होशंग शाह का मकबरा और जामा मस्जिद का भी अवलोकन किया। हिलेरी यहां महेश्वर एवं इन्दौर के पूर्व होलकर शासकों के वंशज रिजर्ड होलकर के निमंत्रण पर महेश्वर एवं मांडव की तीन दिवसीय यात्रा पर आयी हुई थीं।

अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन (PTI फोटो/ट्विटर)

अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन इस वक्त मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। उन्होंने सोमवार को मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मांडू का दौरा किया। यहां ऐतहासिक होशांग शाह के मकबरे की सीढ़ियां उतरते वक्त दो बार हिलेरी का पैर फिसल गया और वह गिरते-गिरते बचीं। जब हिलेरी का संतुलन बिगड़ा तब उनके साथ मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। क्लिंटन जब सीढ़ियां उतरते वक्त दूसरी बार फिसलीं तब उनके साथ मौजूद टूर एडवाइजर और सुरक्षाकर्मियों ने उनकी सेंडल उतरवाई, उन्हें सहारा दिया, उसके बाद हिलेरी बिना सेंडल के ही पूरी सीढ़ियां उतरीं। जब हिलेरी ने पूरी सीढ़ियां उतर ली तब उन्हें दोबारा सेंडल पहनाई गई। हिलेरी के गाइड विश्वनाथ तिवारी ने बताया, ‘‘हां, होशांग शाह के मकबरे की सीढ़ियां उतरते समय वह दो बार फिसल गई थीं।’’ बता दें कि सोशल मीडिया पर हिलेरी के फिसले का वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।

तिवारी ने कहा, ‘मकबरे की सीढ़ियों के बारे में उन्हें पहले ही सावधान कर दिया गया था, इसलिये सीढ़ियां उतरने के समय एक व्यक्ति सहायता के लिये उनके साथ था, लेकिन फिर भी वह फिसल गईं, लेकिन एक व्यक्ति ने उन्हें संभाल लिया। शायद वह अपने सेंडिल की वजह से असंतुलित हुईं, लेकिन दूसरी बार असंतुलित होने पर उन्होंने अपनी सेंडिल निकाल दी और सीढ़ियां उतरने के बाद उन्होंने उसे फिर पहन लिया। इसके बाद वह आगे रवाना हो गईं।’

हिलेरी ने अपनी मांडू (मांडव) यात्रा के दौरान यहां के प्रसिद्ध स्मारकों जहाज महल, हिंडोला महल, होशंग शाह का मकबरा और जामा मस्जिद का भी अवलोकन किया। हिलेरी यहां महेश्वर एवं इन्दौर के पूर्व होलकर शासकों के वंशज रिजर्ड होलकर के निमंत्रण पर महेश्वर एवं मांडव की तीन दिवसीय यात्रा पर आयी हुई थीं। मांडव के ऐतहासिक स्मारकों के भ्रमण के बाद वह महेश्वर के लिये रवाना हो गईं। मांडू का भ्रमण करने के बाद हिलेरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने यहां के शानदार पुरातात्विक स्थल देखे और आनंद लिया। मैंने भारतीय इतिहास की बारे में बहुत कुछ जाना और मैंने जो यहां देखा उससे मैं बहुत उत्साहित हूं।’’ हिलेरी ने उनके रसोइये द्वारा महेश्वर में बनाया गया भोजन यहां मांडू में किया।

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