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कैदियों के भी मानवाधिकार हैं, यूपी सरकार को फटकार लगा बोला हाईकोर्ट- जेल की हालत सुधारो

हाल में बस्ती डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सचिव ने जेल का मुआयना कर कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी।

UP governmentइलाहाबाद हाईकोर्ट की बाहरी तस्वीर।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया है कि वो बस्ती डिस्ट्रिक्ट जेल की हालात सुधारने के लिए उचित और सुधारात्मक कार्रवाई करे। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस शशि कांत गुप्ता ने अपने 11 नवंबर को फैसले में ये आदेश जारी किया। हाल में बस्ती डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सचिव ने जेल का मुआयना कर कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई शुरू की है।

कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट से ऐसा लगता है कि बस्ती जिला जेल में कैदियों के रहने-खाने के अलावा, इसकी क्षमता से बहुत अधिक कैदी हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि ये अच्छी तरह तय है कि कैदियों के भी मानवाधिकार हैं और रिपोर्ट में जिन जरुरतों पर जोर दिया गया वो कुछ भी नहीं हैं। मामले में अदालत ने राज्य सरकार को तलब किया और रिपोर्ट पर जवाब मांगा है।

कोर्ट ने प्रदेश की योगी सरकार को रिपोर्ट में बताई गई खामियों को खत्म करने के लिए जरुरी कदम उठाने के निर्देश दिए। निर्देश में कहा गया कि जेल की हालत सुधारने के लिए उचित और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मामले में अब अगली सुनवाई 29 नवंबर, 2020 को होगी।

उल्लेखनीय है कि अथॉरिटी सचिव ने जेल का मुआयना किया था। उन्होंने जेल की खराब हालत की रिपोर्ट जिला न्यायाधीश को भेजी, जिसे उन्होंने चीफ जस्टिस ऑफ हाईकोर्ट को भेज दिया। रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया कि बस्ती जेल में क्षमता से अधिक कैदी हैं। साफ-सफाई नहीं है। चिकित्सा की व्यवस्था नदारद है।

रिपोर्ट में कहा गया कि वोकेशनल ट्रेनिंग की व्यवस्था भी नहीं है। पैरोल की सुनवाई में बेवजह देरी होती है। लाइब्रेरी की सुविधा भी नहीं है। कैदियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक हैं मगर वो आते नहीं हैं। सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित हुए कैदियों को क्वारंटाइन रखने की सुविधा भी नहीं है।

बता दें कि राज्य में महोबा जिले की जेल में 34 विचाराधीन कैदी कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित पाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर मनोज कुमार सिन्हा ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार शाम आई रिपोर्ट में महोबा की कारागार में बंद 34 कैदियों के कोविड-19 होने की पुष्टि हुई।

उन्होंने बताया कि कारागार की दो बैरकों को कोरोना एल-2 अस्पताल में बदल दिया गया है। सिन्हा ने बताया कि जिले में अब तक 1,235 लोगों के कोविड-19 होने की पुष्टि हुई है, जिनमें नौ मरीजों की मौत हो चुकी है और अभी फिलहाल 135 मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

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