ओमान तट के पास एक व्यावसायिक पोत पर हुए हमले में देवरिया जिले के भारतीय नाविक शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

शिवानंद चौरसिया ने पिछले साल नवंबर में पिता रामजी चौरसिया को फोन करके बताया कि उन्हें एक ऑयल टैंकर पर वेल्डिंग की नौकरी मिल गई है। वह करीब सात महीने पहले ही अपनी नौकरी के सिलसिले में घर से गए थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे तनाव के कारण परिवार चिंतित था।

हमें अपने बेटे से मिले छह महीने से ज्यादा हो गए थे- रामजी

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए रामजी ने कहा, “हमें अपने बेटे से मिले छह महीने से ज्यादा हो गए थे। उसने दो दिन पहले अपनी पत्नी सुशीला को फोन किया था और उससे और बच्चों छह साल के बेटे समर और दो साल की बेटी वामिका से बात की थी। उसने हमसे कहा था कि वह जल्द ही लौट आएगा। हम चिंतित थे क्योंकि लोग युद्ध और वहां फंसे कई जहाजों के बारे में बात कर रहे थे।”

गुरुवार को उनका सबसे बुरा डर सच हो गया। होर्मुज जलमार्ग को लेकर चल रहे तनाव के बीच 9 जून को ओमान के तट के पास अमेरिका सेना के हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों में शिवानंद भी शामिल थे। रामजी ने कहा, “मेरे छोटे बेटे राम प्रवेश को तीन महीने पहले शिवानंद की मदद से दुबई में वेल्डिंग की नौकरी मिली थी और तेल टैंकर पर हमले के बाद अपने भाई के लापता होने की जानकारी सबसे पहले उसी को मिली थी।”

रामजी ने कहा, “उन्होंने आज सुबह करीब 8 बजे हमें फोन किया और घटना की जानकारी दी। बाद में शिवानंद की मौत की पुष्टि हुई। मेरी पत्नी कलावती और शिवानंद की पत्नी सुशीला दोनों ही इस घटना से बेहद दुखी हैं।” आंसू रोकते हुए रामजी ने कहा, “मैंने किसी तरह घर का कामकाज संभाला और परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी कीं। हमारे पास सिर्फ 5-6 कट्ठा खेत है, जिससे बहुत कम पैदावार होती है। शिवानंद कुछ साल पहले परिवार का सहारा बनने के लिए घर छोड़कर पुणे चला गया था और वहां वेल्डर का काम करता था। उसने हाल ही में अपनी बहन की शादी का इंतजाम करने में मदद की थी।”

अब हमारी सारी उम्मीदें चकनाचूर हो गई- रामजी

रामजी रोते हुए बोले, “हम बहुत खुश और आशावान थे कि शिवानंद को जहाज पर बेहतर वेतन वाली नौकरी मिलने के बाद हमारी आर्थिक परेशानियां आखिरकार कम हो जाएंगी। उसने अपने छोटे भाई को दुबई में काम दिलाने में भी मदद की थी। अब हमारी सारी उम्मीदें चकनाचूर हो गई हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रशासन की ओर से अब तक किसी ने उनसे संपर्क किया है, तो रामजी ने कहा, “केवल दो पुलिस कांस्टेबल आए और उन्होंने हमारी जानकारी दर्ज की।” रामजी के पड़ोसी रामशेश्वर शाही ने बताया कि शिवानंद ने किशोरावस्था के दौरान देवरिया शहर में इंजीनियरिंग वर्कशॉप में काम करके कमाना शुरू कर दिया था।

शाही ने आगे कहा, “वह बहुत ही ईमानदार व्यक्ति थे। वह अपने पिता को खेती में भी मदद करते थे। जब उन्हें जहाज पर नौकरी मिल गई तो परिवार बहुत खुश हुआ। उन्हें लगा कि अब उनकी आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। हम सभी ग्रामीणों को उनके निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा है।”

देवरिया के डीएम ने क्या बताया?

देवरिया के डीएम मधुसूदन हुल्गी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम परिवार के संपर्क में हैं और मृतक के शव के संबंध में राज्य सरकार के माध्यम से विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहे हैं। हम परिवार की हर तरह से मदद करेंगे।”

यह भी पढ़ें: भारतीय नाविक की परिवार से आखिरी बातचीत

ओमान तट के पास होर्मुज जलमार्ग के पास हुए जहाज हमले में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के युवा नाविक आदित्य शर्मा की मौत हो गई है। रविवार को अपने पिता के साथ हुई आखिरी फोन कॉल में भारतीय नाविक आदित्य शर्मा ने उन्हें अमेरिकी सेना की वॉर्निंग और पालाऊ के झंडे वाले अपने मर्चेंट टैंकर एमटी सेटेबेल्लो पर तनावपूर्ण स्थिति के बारे में बताया था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…