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दिल्ली बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं! प्रवक्ता छोड़ रहे पार्टी का वॉट्सऐप ग्रुप, यूपी में अखिलेश ने भरी ‘हुंकार’

दिल्ली नगर निगम चुनाव केवल कुछ महीने दूर हैं, और भाजपा को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच पार्टी की दिल्ली इकाई के नेताओं के एक वर्ग में असंतोष पैदा हो रहा है।

दिल्ली बीजेपी के कुछ नेता पार्टी से खफा चल रहे हैं। (एक्सप्रेस फोटो)।

दिल्ली नगर निगम चुनाव केवल कुछ महीने दूर हैं, और भाजपा को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच पार्टी की दिल्ली इकाई के नेताओं के एक वर्ग में असंतोष पैदा हो रहा है। कहा जा रहा है कि भाजपा प्रवक्ता तजिंदर बग्गा और हरीश खुराना कुछ समय से दिल्ली बीजेपी में “उचित प्रतिनिधित्व और जिम्मेदारियां” नहीं दिए जाने से नाराज हैं।

बग्गा, जिनके ट्विटर पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, ने अपने हैंडल के बायो से अपनी पार्टी की जानकारी हट दी है। पहले उन्होंने लिखा हुआ था “भाजपा प्रवक्ता, भाजपा कार्यकर्ता, भाजपा विधायक उम्मीदवार हरि नगर विधानसभा, स्वयंसेवक।” भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बग्गा पहले नाखुश थे जब उन्हें युवा विंग के अध्यक्ष का पद नहीं दिया गया था और इसके बजाय एक प्रवक्ता के रूप में जारी रखा गया था। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता , जो पार्टी के प्रवक्ताओं में से एक है, ने कहा, “पिछले हफ्ते उन्हें पार्टी प्रवक्ताओं के लिए तीन व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया था, लेकिन मंगलवार को फिर से जोड़ा गया। हालांकि, उन्होंने इन ग्रुप को छोड़ दिया। ” संपर्क करने पर बग्गा ने कहा कि इस मामले पर टिप्पणी करना पार्टी का काम है।

सूत्रों ने कहा कि दिल्ली के पूर्व सीएम मदन लाल खुराना के बेटे हरीश खुराना ने भी पार्टी के अधिकांश व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए, जिनमें प्रवक्ता और पदाधिकारी भी शामिल हैं, क्योंकि वह पार्टी के प्लेटफार्मों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से नाखुश थे। सूत्रों ने कहा कि दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ सदस्य होने के नाते खुराना उपेक्षित महसूस करते हैं।

खुराना ने पहले प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने की धमकी दी थी, जो उन्होंने दस साल से अधिक समय से संभाला है, क्योंकि वह एक पदाधिकारी पद के लिए जोर दे रहे हैं। उन्होंने पिछले साल के विधानसभा चुनाव में भी टिकट मांगा था, लेकिन इनकार कर दिया गया था। इस बीच, दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार ने इस घटना को कमतर आंकने की कोशिश की और कहा कि खुराना पार्टी के व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा हैं, जबकि बग्गा ने “अपना फोन बदल दिया होगा”।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी की टीम का हिस्सा रहे कई नेताओं को इस बार पार्टी का कोई पद नहीं दिया गया है। इसमें पूर्व उपाध्यक्ष शाजिया इल्मी, पूर्व महासचिव रविंदर गुप्ता और राजेश भाटिया शामिल हैं, जिन्होंने राज्य नेतृत्व से दूरी बना ली है।

एक नेता ने कहा कि हमारे पास अनुभवी लोग हैं जो राजनीतिक रूप से मजबूत हैं। इनमें से कुछ की सोशल मीडिया पर और कुछ की जमीन पर फॉलोइंग है। प्रत्येक का अपना महत्व है। एमसीडी चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है और अगर हमें अच्छा प्रदर्शन करना है तो हमें सभी को साथ लाना होगा।

अखिलेश यादव ने बसपा और कांग्रेस से गठबंधन से किया इंकार: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अगले साल उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया और कहा कि उनकी पार्टी समान विचारधारा वाले छोटे दलों को साथ चुनाव लड़ेगी। अखिलेश यादव ने कहा, “बड़ी पार्टियों के साथ मेरा अनुभव अच्छा नहीं है, मैं उनके साथ कोई गठबंधन नहीं करूंगा।”

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