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बिहार में शराबबंदी, फिर भी चुनाव के दौरान ज़ब्त हुई सवा अरब रुपए की शराब

सबसे अधिक शराब तस्कर बक्सर (562) में अरेस्ट किए गए। दूसरे नंबर पर मधुबनी, तीसरे पर पूर्वी चंपारण, चौथे पर भोजपुर और पांचवें स्थान पर दरभंगा में धंधेबाजों की धरपकड़ की गई।

Bihar Alcohol Ban, Liquor Ban, Alcohol Ban, Alcohol, Liquorतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

बिहार में शराब पर बैन है। फिर भी चुनाव के दौरान सवा अरब रुपए की दारू जब्त की गई। धरी गई शराब की कुल रकम एक अरब 25 करोड़ 43 हजार रुपए आंकी गई, जबकि मामले में 4148 गिरफ्तारियां हुईं। हैरत की बात है कि सिर्फ डेढ़ महीने में 38 जिलों में 3.91 लाख लीटर विदेशी शराब बरामद की गई।

विधानसभा चुनाव के वक्त बिहार-उत्तर प्रदेश बॉर्डर के नजदीक सीवान में दो तस्करों को अरेस्ट किया गया था, जिसमें दोनों ने शरीर पर शराब की बोतलों को किसी बेल्ट के तौर पर फिट कर के छुपाया था। दारू को ठीक वैसे ही कपड़ों के नीचे छुपाया गया था, जैसे शरीर पर बम लगाने के बाद लोग उसे छुपा लेते हैं। यही नहीं, वाहनों के इंजन, ट्रक में तहखाना बनाकर, टैंकर के तेल के ड्रम में शराब की तस्करी से जुड़े मामलों का भंडाफोड़ हो चुका है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में उत्पादन विभाग और पुलिस से शराब बरामदगी से जुड़े आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि केवल राजधानी पटना में 6763 लीटर फिरंगी, 13032 लीटर देसी दारू पकड़ी गई थी। वहीं, 130 तस्करों को दबोचा गया था। जिन जिलों में विदेशी शराब सर्वाधिक मिली, उनमें वैशाली, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्वी चंपारण और भोजपुर (क्रम के हिसाब से) शामिल है। वहीं, जहां सबसे कम फिरंगी शराब धरी गई, उनमें खगड़िया, लखीसराय, अरवल, शेखपुरा और नालंदा जिला हैं।

सबसे अधिक शराब तस्कर बक्सर (562) में अरेस्ट किए गए। दूसरे नंबर पर मधुबनी, तीसरे पर पूर्वी चंपारण, चौथे पर भोजपुर और पांचवें स्थान पर दरभंगा में धंधेबाजों की धरपकड़ की गई, जबकि इस बाबत सबसे कम गिरफ्तारियां खगड़िया, शेखपुरा, मधेपुरा, गोपालगंज और कैमूर में हुईं। शराबबंदी के बावजूद बड़े स्तर पर तस्करी के खेल के खुलासे पर विभिन्न सियासी दलों ने शराबबंदी कानून की समीक्षा का मुद्दा उठाया।

बिहार में शराबबंदी के फैसले के बाद नीतीश सरकार को महिलाओं को खूब समर्थन मिला था। हालांकि, हालिया चुनावी समर में खुद बिहार के लोगों ने कबूला कि सूबे में शराब पर बैन के बाद शराब का  सेवन और बिक्री और बढ़ गई। ‘एनडीटीवी इंडिया’ से बातचीत के दौरान पूर्णिया में आखिरी चरण के मतदान के दौरान कुछ महिलाओं ने माना था कि दो-चार महीने तो स्थिति ठीक थी, पर फिर वही हाल हो गया। ब्लैक हो कर अब शराब बिकती है। लोग लुका-छुपाकर पीते हैं।

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