समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने शनिवार को आरोप लगाया कि एसआईआर में चुनाव आयोग और भाजपा की ‘मिलीभगत’ से सपा समर्थित पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाया जा रहा है।

अखिलेश ने क्या आरोप लगाया?

इटावा में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म सात आवेदन ‘अज्ञात व्यक्तियों’ द्वारा दायर किए गए थे और इनमें मुस्लिम और समाजवादी पार्टी के मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों और चुनाव आयोग से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

अखिलेश यादव ने कहा, ”अगर एक भी एसडीएम या डीएम के खिलाफ कार्रवाई की जाती, तो ऐसी अनियमितताएं रुक जातीं। इससे पता चलता है कि चुनाव आयोग, सरकार और प्रशासन मिलीभगत से काम कर रहे हैं।”

ट्रेड डील पर मोदी सरकार को अखिलेश ने घेरा

वहीं अमेरिका के साथ हाल ही में हुए ट्रेड डील पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने भारत की अर्थव्यवस्था पर विदेशी कृषि उत्पादों के प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों और गरीबों के लिए हानिकारक किसी भी समझौते का विरोध करेगी।

इस बीच शनिवार को अखिलेश यादव ने एक X पोस्ट में कहा, “अब ‘पीडीए सरकार’ आएगी और समाजवादी पेंशन से भी आगे जाकर ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ लाएगी, हर नारी के सिर से बोझ हटाएगी, तरक़्क़ी के नये रास्ते बनाएगी, हर घर को ख़ुशहाली से भरकर दिखाएगी।” पढ़ें अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर अखिलेश का सीएम योगी पर बड़ा हमला

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