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अयोध्या राम मंदिर विवाद: अखिलेश बोले, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किया तो सख्त कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या के कारसेवकपुरम में पत्थर लाये जाने के संबंध में मीडिया खबरों पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कहा कि यदि कोई शरारती तत्व कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी..

Author लखनऊ | December 23, 2015 6:17 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या के कारसेवकपुरम में पत्थर लाये जाने के संबंध में मीडिया खबरों पर संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कहा कि यदि कोई शरारती तत्व कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश यादव ने अपने सरकारी आवास पांच, कालीदास मार्ग पर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव (गृह) देबाशीष पंडा सहित प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।

सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद परिसर में हर हाल में न्यायालय के निर्देशों का पूरी सख्ती से कार्यान्वयन एवं अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रदेश में कानून व्यवस्था को खराब करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी क्योंकि अयोध्या का यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य सरकार हर वर्ग और हर धर्म के लोगों के कल्याण के साथ साथ उनकी सुरक्षा के प्रति कटिबद्ध है और यदि कोई भी शरारती तत्व कानून व्यवस्था से खिलवाड कर प्रदेश की शांति व्यवस्था खराब करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर प्रदेश में अमन चैन का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में हर हाल में शांति व्यवस्था, सामाजिक एवं सांप्रदायिक सद्भाव बनाये रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जाए और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी तत्व के साथ त्वरित ढंग से कठोरतम कार्रवाई करते हुए सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा, ‘‘अतिसंवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।’’

इस बीच पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) ए सतीश गणेश ने यहां संवाददाताओं को बताया कि अयोध्या में हाल में जो घटनाक्रम हुए हैं, उसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सुबह बैठक बुलायी थी। गणेश ने बताया कि मुख्यमंत्री ने साथ ही यह निर्देश भी दिये हैं कि सोशल मीडिया में इस मुद्दे पर अगर आपत्तिजनक सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है तो उस पर भी जरूरी कदम उठाए जाएं।

मालूम हो कि अयोध्या में पिछले दिनों विहिप की संपत्ति राम सेवक पुरम में दो ट्रकों से पत्थर उतारे गये थे और राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की ओर से ‘शिला पूजन’ किया गया था। महंत दास ने बताया था कि मोदी सरकार से ‘संकेत’ मिले हैं कि मंदिर का निर्माण ‘अब’ कराया जाएगा। उन्होंने कहा था, ‘‘अब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का वक्त आ गया है। आज अयोध्या में ढेर सारे पत्थर पहुंच गये हैं। अब पत्थरों का पहुंचना जारी रहेगा। हमें मोदी सरकार से संकेत मिले हैं कि मंदिर का निर्माण अब किया जाएगा।’’

गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पांडा ने कहा था कि राज्य सरकार राम मंदिर के लिए अयोध्या में पत्थर नहीं आने देगी। ‘‘चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लिहाजा सरकार अयोध्या मुद्दे के बाबत कोई नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं देगी।’’

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