उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए मैदान में उतर गए हैं। उन्होंने रविवार को एक्स पर दो ट्वीट किए। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार चाहे तो जौहर यूनिवर्सिटी की नक्शा भी आसानी से एक दिन में पास करा सकती है। इसे दावे के पक्ष में अखिलेश यादव ने शासन के आदेश की एक कॉपी भी शेयर की।
एक अन्य पोस्ट में अखिलेश ने छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के नाम पत्र लिखा और जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की अपील की।
आसानी से नक्शा पास करा सकती है भाजपा- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा सरकार चाहे तो बदले की भावना छोड़कर जौहर यूनिवर्सिटी का नक्शा भी आसानी से पास करा सकती है। भाजपा अपने लोगों के लिए इस शासनादेश को मानती है लेकिन किसी और के लिए इसे इस्तेमाल न करके हर समाज के छात्रों और उनके परिवारवालों के खिलाफ नाइंसाफी कर रही है। इस जीओ के आधार पर ही भाजपा सरकार ने हजारों भवनों को नियमित करके उन्हें वैध माना है।
आगे कहा, “भाजपा बहाना न बनाए, शिक्षा के मंदिर को बचाए! विद्वेष हारेगा, सौहार्द जीतेगा! ‘पक्षपात’ अन्याय का सबसे प्रत्यक्ष रूप होता है।”
शासन की यह कॉपी 18 जून को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव की ओर से पंचायती राज प्रमुख को भेजी गई थी। शासन की इस कॉपी में कहा गया है कि भू-उपयोग के प्रतिकूल निर्माण होने पर भूमि का उपयोग परिवर्तन शुल्क जमा कराकर इसे वैध मानकर पंजीकरण कर लिया जाएगा।
छात्रों और उनके अभिभावकों से की यूनिवर्सिटी को बचाने की अपील
एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने छात्रों और अभिभावकों के नाम पत्र लिखा और उनसे जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की अपील की। उन्होंने लिखा, “जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में हम आपके साथ हैं। बदले की भावना में जल रही बीजेपी की सरकार यूनिवर्सिटी को अपनी छोटी राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे।”
अखिलेश ने कहा, “इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फैसले के खिलाफ हमारे साथ हमारे जमीनी कार्यकर्ता, समर्थक, नेता और हजारों छात्रों और उनके अभिभावक भी हैं, जिनके सपने पर बुलडोजर चलाने की कोशिश भाजपा सरकार कर रही है।”
जिनके न परिवार न बच्चे वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें- अखिलेश
आगे लिखा, “हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता, हम शिक्षा के मंदिर को बचाने के लिए देश की जनता से अपील करते हैं कि वो साथ आएं। विश्वविद्यालय में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के खिलाफ हो गई है। भाजपा का अंहकार ही ये सब गलत काम करवा रहा है। अगर कहीं कोई कागजी कमी है भी तो उसे पूरा करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और छात्रों के भविष्य को भी। यहां गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपा वालों की तरह अपने बच्चों को महंगे यूनिवर्सिटीज या विदेशों में पढ़ा सकें। सीएम योगी पर हमला करते हुए कहा कि जिनके न परिवार न बच्चे वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें। अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं और उनके परिवार, समाज के लिए रत्ती भर सहानुभूति होती तो वो जुल्म और नाइंसाफी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूंढती।”
सवाल उठाना भाजपा को पसंद नहीं- सपा प्रमुख
आगे लिखा, “सच तो यह है कि भाजपा शिक्षा के ही खिलाफ है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं, वो अन्याय के खिलाफ आवाज भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दकियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी पसंद नहीं आता। इसलिए भाजपा के लोग और उनके साथी गांव-गांव में प्राथमिक विद्यालय और अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं। भाजपा वाले जानते हैं कि पढ़-लिखकर लोग नौकर-रोजगार मांगेंगे, जो भाजपा सरकार देना नहीं चाहती। नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किए गए तो हमारे सजग कार्यकर्ताओं ने पीडीए पाठशाल खोलकर भाजपाई साजिश नाकाम कर दी थी, इसलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है।”
सपा प्रमुख ने आगे कहा, “जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के छात्रों के खिलाफ भाजपा के साथियों की एक बेहद घिनौनी साजिश है। उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूल-विद्यालय चल रहे हैं, लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है।”
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