उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में उतरने के ऐलान के बाद अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। दिव्या मित्तल के इस्तीफे और राजनीति में आने के फैसले पर सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि अब उन्हें तय करना पड़ेगा कि वह ‘हरा गमछा और लाल गमछा’ डालें। उनके इस बयान को सपा से जुड़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल, पत्रकार ने अखिलेश यादव से दिव्या मित्तल के इस्तीफे और उनके राजनीति में आने की घोषणा को लेकर सवाल किया था। इस पर सपा प्रमुख ने कहा, “अब उन्हें तय करना पड़ेगा। हरा गमछा और लाल गमछा डाल लें।” बता दें, सपा के राजनीतिक प्रतीकों में लाल और हरे रंग का इस्तेमाल प्रमुखता से होता है।

दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का किया ऐलान

दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को अपने सोशल मीडिया वीडियो के जरिए साफ कर दिया था कि वह राजनीति में कदम रखने जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ेंगी और आम लोगों के साथ मिलकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी ‘कर्मभूमि’ बताते हुए यहीं से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही है।

दिव्या मित्तल ने कहा था कि उनके लिए राजनीति किसी पद तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज बनने का जरिया है, जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं या पहुंचने के बाद भी नहीं सुनी जातीं। उन्होंने सड़क, शिक्षा, पेपर लीक, युवाओं के रोजगार और AI के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

करीब 13 साल की IAS सेवा के बाद दिया इस्तीफा

2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनका इस्तीफा सितंबर में स्वीकार हुआ। इसके बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। 29 सितंबर को उन्होंने वीडियो जारी कर राजनीति में आने का ऐलान कर इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया।

दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक करियर के दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए वह लहुरियादह जैसे दूर-दराज के इलाके में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल को लेकर भी चर्चा में रही थीं।

अखिलेश ने गठबंधन और बृजभूषण पर भी दिया बयान

इसी दौरान अखिलेश यादव से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर भी सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा, “बहुत जल्दी हमारी कोशिश है, और जो गठबंधन पहले था वही गठबंधन आगे रहेगा।”

बृजभूषण शरण सिंह के ‘अखिलेश यादव बिना सब सूना’ वाले बयान पर भी सपा प्रमुख से सवाल किया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि उनके संबंध बृजभूषण शरण सिंह से अच्छे हैं और उत्तर प्रदेश के विकास तथा किसानों की खुशहाली के लिए हम सब एक हैं।

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गुजरात हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग वाली आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी व्यक्तिगत सूचना के दायरे में आती है और इसे केवल सार्वजनिक पद पर होने के आधार पर आरटीआई के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।